शिवपुरी। जिस छात्रावास में बेटियों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जानी चाहिए, वहां उन्हें कीड़ों वाला खाना, गंदा पानी और खुले में नहाने की मजबूरी झेलनी पड़ रही है। शिवपुरी के शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास की छात्राओं का सब्र मंगलवार को टूट गया और वे अपनी समस्याओं का पुलिंदा लेकर सीधे कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। छात्राओं ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में हालात इतने खराब हैं कि पढ़ाई से ज्यादा संघर्ष रोजमर्रा की मूलभूत सुविधाओं के लिए करना पड़ रहा है।
कीड़ों वाला खाना, गंदा पानी और एक शौचालय; छात्राओं ने खोली छात्रावास की पोल
शहर के टीवी टावर रोड स्थित शासकीय पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में रहने वाली छात्राओं ने मंगलवार को कलेक्टर के समक्ष छात्रावास की बदहाल व्यवस्थाओं की शिकायत दर्ज कराई। छात्राओं का कहना है कि जिस हॉस्टल में उन्हें सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलना चाहिए, वहां मूलभूत सुविधाएं भी नसीब नहीं हो रही हैं।
छात्रा आस्था जाटव ने बताया कि हॉस्टल में मिलने वाला भोजन और नाश्ता बेहद खराब गुणवत्ता का होता है। कई बार सब्जियों और खाने में कीड़े निकल चुके हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि छात्रावास अधीक्षिका प्रीति सूर्येश कई-कई दिनों तक हॉस्टल नहीं आतीं और समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देतीं।
50 छात्राएं और सिर्फ एक शौचालय
छात्राओं ने बताया कि छात्रावास की दूसरी मंजिल पर करीब 50 छात्राएं निवास करती हैं, लेकिन उनके लिए केवल एक शौचालय उपलब्ध है। सुबह कॉलेज और कोचिंग जाने के समय लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे छात्राओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि छात्राओं के लिए अलग स्नानगृह तक उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि नहाने के लिए उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें खुले में नहाना पड़ता है। इससे उनकी निजता और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं।
गंदे पानी से बिगड़ रही सेहत
छात्रा मनीषा जाटव ने बताया कि हॉस्टल की पानी की टंकियों की नियमित सफाई नहीं होती। इसके कारण गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ता है और कई छात्राएं बीमार भी हो चुकी हैं। भीषण गर्मी के बावजूद कई पंखे खराब पड़े हुए हैं और कूलर की कोई व्यवस्था नहीं है। छात्राओं का आरोप है कि जब उन्होंने पंखे और कूलर की मांग की तो उन्हें अपने घर से ही पंखे और कूलर लाने की सलाह दे दी गई।
शिकायत पर समाधान नहीं, मिलती है फटकार
छात्राओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वे अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाती हैं तो उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हें डांटा-फटकारा जाता है। कुछ छात्राओं ने धमकाने और अभद्र भाषा के इस्तेमाल के आरोप भी लगाए हैं। लंबे समय से परेशान छात्राएं आखिरकार मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर तत्काल जांच एवं कार्रवाई की मांग की।
प्रशासन ने जांच का दिया आश्वासन
मामले में एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला ने बताया कि छात्राओं की शिकायत प्राप्त हो गई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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