शिवपुरी। भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में फरियादियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कोई अपनी जमीन बचाने की गुहार लेकर पहुंचा तो कोई न्याय की आस में अधिकारियों के सामने फूट-फूटकर रो पड़ा। सबसे मार्मिक मामला उस मां का रहा, जिसने बेटे की चेकबुक वापस न मिलने और लगातार कानूनी नोटिस आने से परेशान होकर कलेक्टर के सामने अपनी पीड़ा सुनाई। वहीं करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेरफेर की शिकायत ने भी प्रशासन का ध्यान खींचा।
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। तेज गर्मी और उमस के बावजूद फरियादियों की भीड़ सुबह से ही कलेक्ट्रेट परिसर में जुटने लगी थी। जनसुनवाई में व्यक्तिगत विवादों से लेकर करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े गंभीर मामलों तक की शिकायतें सामने आईं।
कलेक्टर के सामने रो पड़ी मां
जनसुनवाई में पिछोर क्षेत्र की निवासी भागवती केवट ने कलेक्टर के समक्ष अपनी व्यथा सुनाते हुए आरोप लगाया कि उसके बेटे को लोन दिलाने का झांसा देकर देवेंद्र यादव ने उसकी चेकबुक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए थे। अब न तो चेकबुक वापस की जा रही है और न ही मामले का समाधान हो रहा है।
भागवती केवट ने बताया कि चेकबुक के दुरुपयोग के कारण पहले भी चेक बाउंस का मामला दर्ज हो चुका है। बाद में न्यायालय में राजीनामा होने के बावजूद संबंधित व्यक्ति ने चेकबुक वापस नहीं की। महिला का आरोप है कि अब अलग-अलग लोगों के नाम से कानूनी नोटिस भेजकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। अपनी पीड़ा बताते-बताते महिला भावुक हो गई और कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

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