शिवपुरी। शिवपुरी जिले की नरवर नगर परिषद में सरकारी फाइलों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। सोमवार को जिस मामले में नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) प्रवीण नरवरिया ने पार्षद पति पर शासकीय फाइलें उठाकर ले जाने और कर्मचारियों से अभद्रता करने का आरोप लगाया था, उसी मामले में अब एक कथित वायरल ऑडियो ने पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।
वायरल ऑडियो सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वास्तव में सरकारी फाइलों की सुरक्षा का मामला था या फिर नगर परिषद में चल रहे कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की जानकारी बाहर आने के डर से पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाया गया था।
क्या था पूरा मामला
सीएमओ प्रवीण नरवरिया के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12 बजे वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद पति मानवेंद्र सिंह सोलंकी और गजानंद दांगी नगर परिषद की निर्माण शाखा में पहुंचे थे। दोनों ने निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलें देखने की मांग की। कर्मचारियों ने नियमानुसार फाइलें देखने के लिए उपलब्ध कराईं।
आरोप है कि फाइलों का अवलोकन करते समय दोनों ने कर्मचारियों से बहस की और बाद में फाइलें वापस जमा नहीं कीं। निर्माण शाखा के कर्मचारी अंकुर जैन ने भी शिकायत में कहा कि मानवेंद्र सिंह फाइलें लेकर सीएमओ के पास जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन बाद में फाइलें अपने साथ ले गए। इस पूरे घटनाक्रम के बाद नगर परिषद कार्यालय में हड़कंप मच गया और सीएमओ ने नरवर थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
वायरल ऑडियो ने बदल दी कहानी
घटना के अगले ही दिन सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो वायरल हो गया, जिसमें पार्षद पति मानवेंद्र सिंह और CMO प्रवीण नरवरिया के बीच बातचीत सुनाई दे रही है। इस बातचीत में मानवेंद्र सिंह खुलकर यह कहते सुनाई दे रहे हैं कि यदि कार्यालय में वीडियो नहीं बनी तो वे दोबारा फाइलों के साथ परिषद कार्यालय आ जाएंगे और वीडियो बनवा लेना, जिससे काम आसान हो जाएगा।
ऑडियो में मानवेंद्र सिंह यह आरोप भी लगा रहे हैं कि उनके वार्ड में जानबूझकर विकास कार्य रोके जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई जानकारियां सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गईं, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। बातचीत में यह भी कहा गया कि पिछले चार महीने से परिषद की प्रोसिडिंग की नकल नहीं दी गई है और उनके वार्ड के टेंडर तक निरस्त कर दिए गए।
CMO अध्यक्ष पति की कठपुतली
वायरल ऑडियो में मानवेंद्र सिंह यह आरोप लगाते भी सुनाई दे रहे हैं कि नगर परिषद में अध्यक्ष पदमा माहेश्वरी के पति संदीप माहेश्वरी का दबदबा है और CMO उन्हीं के इशारे पर काम कर रहे हैं,उनकी कठपुतली है। उन्होंने दावा किया कि उनके वार्ड में विकास कार्य नहीं होने दिए जा रहे हैं। यहां तक कि वार्ड में किसी के यहां गमी हो जाने पर पानी के टैंकर तक रोक दिए जाते हैं। इन आरोपों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवेन्द्र सिंह ने भी पुलिस को एक आवदेन दिया है इस आवेदन के अनुसार अध्यक्ष पति ने उनको जान से मारने की धमकी दी है।
अब उठ रहे कई बड़े सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद नरवर नगर परिषद में कई सवाल चर्चा का विषय बने हुए हैं
यदि फाइलें जबरन ले जाई गई थीं तो संबंधित वीडियो सामने क्यों नहीं आई ?
RTI के तहत मांगी गई जानकारी क्यों नहीं दी गई ?
क्या फाइल विवाद के पीछे टेंडर और निर्माण कार्यों की अंदरूनी राजनीति छिपी है ?
क्या पुलिस शिकायत दबाव बनाने के लिए की गई ?
फिलहाल यह मामला नगर परिषद की राजनीति से निकलकर जिले की चर्चा का बड़ा विषय बन चुका है। वायरल ऑडियो के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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