शिवपुरी,ऐसे तो कोई भी अधिकारी सुरक्षित नहीं रहेगा, सह आरोपी बनाए जाने पर बोले CMO

vikas
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ishank dhakd cmo shivpuri

शिवपुरी।
शिवपुरी नगर पालिका परिषद में बहाली के नाम पर कथित रिश्वत लेने के मामले में सह-आरोपी बनाए गए मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए इसे सुनियोजित षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें जानबूझकर फंसाने की कोशिश की जा रही है ताकि प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर दबाव बनाया जा सके।

शिवपुरी समाचार से चर्चा के दौरान ईशांक धाकड़ ने कहा कि यदि किसी अधीनस्थ कर्मचारी के बयान मात्र के आधार पर किसी अधिकारी को सह-आरोपी बनाया जाने लगेगा, तो भविष्य में कोई भी अधिकारी निष्पक्ष और कठोर निर्णय लेने का साहस नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

CMO धाकड़ ने कहा, मुझे षड्यंत्रपूर्वक फंसाने का प्रयास किया गया है। यदि इस तरह की कार्रवाई को बढ़ावा मिला तो आगे किसी भी कर्मचारी को पकड़कर पंचनामा बनाकर किसी भी अधिकारी को आरोपी बनाया जा सकता है। ऐसे माहौल में ईमानदारी और सख्ती से काम करना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि जिस धारा के तहत उन्हें सह-आरोपी बनाया गया है, उसका उपयोग सामान्य मामलों में नहीं किया जाता। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-12 का प्रयोग अत्यंत दुर्लभ परिस्थितियों में किया जाता है, जब किसी अधिकारी के खिलाफ मजबूत और प्रभावी साक्ष्य मौजूद हों।

ईशांक धाकड़ ने आरोप लगाया कि इस मामले में असामान्य जल्दबाजी दिखाई गई है। उन्होंने कहा कि सामान्यतः जांच अधिकारी केवल कथनों के आधार पर किसी अधिकारी को सह-आरोपी बनाने से बचते हैं, लेकिन इस मामले में बिना पर्याप्त आधार के कार्रवाई की गई। इससे यह प्रतीत होता है कि किसी प्रकार का दबाव बनाकर प्रभाव डालने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिस व्यक्ति को रिश्वत प्रकरण में पकड़ा गया, उसे न तो नगर पालिका कार्यालय से पकड़ा गया और न ही उनके चेंबर से, बल्कि उसके निजी निवास से गिरफ्तार किया गया था। ऐसे में उन्हें सीधे तौर पर इस प्रकरण से जोड़ना पूरी तरह गलत है।

वहीं दूसरी ओर निरंजन शर्मा ने कहा कि जांच के दौरान सीएमओ ईशांक धाकड़ के खिलाफ प्रथम दृष्टया कई महत्वपूर्ण साक्ष्य सामने आए हैं। इन्हीं तथ्यों के आधार पर उन्हें लोकायुक्त कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था, लेकिन उन्होंने उपस्थित होना उचित नहीं समझा।

लोकायुक्त एसपी ने बताया कि उपलब्ध दस्तावेजों और जांच सामग्री के आधार पर ईशांक धाकड़ को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा-12 के तहत आरोपी बनाया गया है। मामले की विवेचना इंस्पेक्टर उपेंद्र दुबे द्वारा की जा रही है और कथित रिश्वत कांड में उनकी भूमिका की गहराई से जांच जारी है।

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