खनियाधाना। पिछोर क्षेत्र के खनियाधाना में एक बार फिर मां वैष्णो गैस एजेंसी विवादों के केंद्र में आ गई है। इस बार एजेंसी संचालिका वैष्णवी भारद्वाज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक एजेंसी संचालिका पर कमरे के अंदर ले जाकर मारपीट करने का आरोप लगाता दिखाई दे रहा है। इसके बाद वीडियो में वैष्णवी भारद्वाज और एजेंसी में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी युवक को सड़क पर दौड़ाकर पीटने का प्रयास करती नजर आ रही हैं।
इतना ही नहीं, युवक के मोबाइल से वीडियो डिलीट कराने की कोशिश किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। वीडियो वायरल होने के बाद खनियाधाना क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बन गया है और राजनीतिक रंग भी लेने लगा है।
युवक बोला- कमरे में ले जाकर की मारपीट
वायरल वीडियो में युवक खुद वीडियो रिकॉर्ड करते हुए कहता दिखाई दे रहा है कि एजेंसी संचालिका वैष्णवी भारद्वाज उसे अंदर कमरे में ले गईं और वहां उसके साथ मारपीट की गई। वीडियो में बाद में हंगामे जैसी स्थिति बनती दिखाई देती है। युवक के पीछे दौड़ती महिलाएं और मोबाइल छीनने की कोशिश जैसे दृश्य भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं। बताया जा रहा है कि मारपीट का आरोप लगाने वाला युवक वनखेड़ा पंचायत के सरपंच रामलखन यादव का बेटा चक्रेश यादव है। हालांकि पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
पहले भी विवादों में रही एजेंसी
यह पहला मौका नहीं है जब मां वैष्णो गैस एजेंसी विवादों में आई हो। इससे पहले भी एजेंसी से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं की किताबें खुले में फेंकी हुई दिखाई दी थीं। उस मामले में भी एजेंसी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे। स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी संचालन में लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन राजनीतिक पहुंच के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
कांग्रेस ने लगाए संरक्षण के आरोप
इस पूरे मामले को कांग्रेस ने भी मुद्दा बना लिया है। खनियाधाना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष परमाल सिंह यादव ने आरोप लगाया कि वैष्णवी भारद्वाज दिवंगत भाजपा नेता विजय भारद्वाज की बेटी हैं और भाजपा नेताओं के करीबी होने के कारण प्रशासन उन पर कार्रवाई करने से बचता है।
परमाल सिंह यादव ने कहा कि जिस युवक के साथ मारपीट हुई, उस पर दबाव बनाकर राजीनामा कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी संचालिका द्वारा पहले भी कई लोगों के साथ अभद्रता और मारपीट की घटनाएं की गई हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि रन्नौद और बसई एजेंसी संचालकों के कर्मचारियों के साथ भी विवाद और मारपीट हुई, जिसके कारण अब कई कर्मचारी सिलेंडर वितरण के लिए क्षेत्र में आने से डर रहे हैं।
पुलिस बोली- शिकायत नहीं मिली
मामले में खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी राजीनामा हो गया है। युवक ने कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई, इसलिए पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यदि कोई लिखित शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हीं जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी सूलेश्वर कुर्रे ने कहा कि एजेंसी से संबंधित पूर्व विवादों को देखते हुए कुछ कनेक्शन बसई और रन्नौद एजेंसियों को डायवर्ट किए गए थे। यदि अब भी उपभोक्ताओं को कोई परेशानी हो रही है तो मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

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