SHIVPURI NEWS | जिले के सीहोर थाना क्षेत्र के ग्राम छितरी में रहने वाली दो बच्चों की माँ उर्मिला जाटव की आत्महत्या मामले में पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतिका ने अपने पति अमर सिंह जाटव, देवर गजराज सिंह और देवरानी द्वारा दिए जा रहे तानों और दहेज की मांग को लेकर जहर का सेवन कर लिया था। जिसकी इलाज के दौरान झांसी में मौत हो गई थी। पुलिस ने इस मामले में तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 498 ए, 304 बी, 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
विदित हो कि मृतिका उर्मिला जाटव का विवाह वर्ष 2009 में डबरा में आयोजित स मेलन से हुआ था। विवाह के बाद उसने दो बच्चों को जन्म भी दिया। लेकिन 12 दिस बर 2016 को उसने जहर का सेवन कर लिया। जिसे गंभीर हालत में झांसी के मेडीकल कॉलेज में भर्र्ती कराया गया। जहां 13 दिसम्बर को उर्मिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
इस मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच की इसी के बीच मृतिका के भार्ई धीरज जाटव निवासी करोंठा ने पुलिस के समक्ष आरोप लगाए कि उसका जीजा अपने भार्ई और उसकी पत्नि के साथ मिलकर दहेज की मांग करते थे। न देने पर आरोपीगण उसे प्रताडि़त करते थे।
जिसके बारे में उसकी बहिन ने उसे बताया था यहां तक कि घटना से पूर्व उसकी बहिन काफी परेशान भी थी। पुलिस ने इन आरोपों को भी संज्ञान में लेकर जांच शुरू कि जिसमें लगाए गए सभी आरोप सत्य पाए गए जिस पर पुलिस ने कल तीनों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया।
