SHIVPURI NEWS | जिले मे ड्रग बाजार में जमे जंगलराज के खात्मे के लिए कलेक्टर शिवपुरी ओपी श्रीवास्तव ने डीआई का ऑफिस सील करते हुए, सीएमएचओ को जिले के मेडिकल स्टोरों की जांच के आदेश दिए।
इस आदेश के क्रम में सीमएएचओ ने शहर की मेडिकल स्टोरो पर छापामार कार्यवाही की और कपिल मेडिकल को सील कर दिया गया था। इसके बाद अचानक शिवपुरी के डीआई शशिन्द्र रजक पूरे 2 साल बाद अचानक प्रकट हुए। कलेक्टर ने प्रतिदिन डीआई को कलेक्ट्रेट में हााजिरी लगाने के ओदश दिए लेकिन डीआई रजक शिवपुरी आए और कपिल मेडिकल स्टोर का ताला खुलवार फिर गायब हो गए।
जैसा कि विदित है कि कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव के आदेश के बाद शहर में संचालित मेडिकल स्टोर को बिना लायसेंस के संचालित पाए जाने पर इस मेडिकल स्टोर को शील करने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। इसके अतिरिक्त कई और दुकानो पर भी छापामार कार्रवाई की गई। इन दुकानों पर प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय और कई गंभीर अनिमितताए उजागर हुई। अचानक हुई इस छापेमारी की खबरो को सुन शिवुपरी के डीआई शिशेंद्र रजक ने अपनी उपस्थिति कलेक्टर के सामने दर्ज कराई जिस पर से कलेक्टर ने उन्हें कड़ी लताड़ लगाते हुए प्रतिदिन कलेक्टर कार्यालय में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए साथ ही डीआई का कार्यालय सीएमएचओ ऑफिस में शिफ्ट करा दिया।
प्रशासन ने इस छापामारी की जाँच का प्रतिवेदन तैयार कर दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्यवाही के निर्देश डीआई को दिए जिसके चलते डीआई श्री रजक ने शील की गई कपिल मेडिकल स्टोर के ताले देर शाम खुुलवाए। यहाँ क्या कुछ जाँच की गई यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। क्योंकि इस दुकान पर रिटेलर्स का लायसेंस ही नहीं हैं वावजूद इसके खेरिज की दुकान अभी भी संचालित हो रही है। इससे यह प्रतीत होता है कि यहां डीआई रजक की मेडिकल स्टोर से मिलीभगत है और जमकर महिना उगाया जा रहा है। जब कलेक्टर शिवपुरी ने डीआई के अबैध धंधे पर नकेल डाली तो डीआई अचानक से प्रकट हुए और अपने क्लाइंट कपिल मेडिकल के ताले खुलवा कर फिर अचानक से गायब हो गए।
डीआई रजक ने कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव के प्रतिदिन कलेक्ट्रेट में हााजिरी देने के आदेश को हवा में उडाते हुए फिर शिवपुरी से गायब हो गए। अब देखना यह है कि कलेक्टर इस मामले में क्या करते है।
