शिवपुरी। शिवपुरी के अस्पताल में एक और मानवता को शर्मसार करने वाला मामला प्रकाश में आया है। बताया जा रहा है कि अपनी 10 वर्षीय बेटी की मौत के बाद उसके पिता ने अस्पताल से शव वाहन की मांग की लेकिन अस्पताल ने उसको वाहन उपलब्ध नही कराया तो वह स्ट्रेचर पर बेटी की लाश को लेकर निकल पडा।
जानकारी के अनुसार पिछोर के ग्राम गुरुकुदवाया का बुद्घाराम आदिवासी अपनी 10 वर्षीय बेटी धन्नो को जिला अस्पताल रात 8 बजे भर्ती कराने लायाए लेकिन 3 घंटे बाद ही रात 11 बजे धन्नो की मौत हो गई। मौत होते ही अस्पताल स्टाफ ने शव ले जाने को कह दिया, लेकिन जब बुद्घाराम ने शव ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने को कहा तो प्रबंधन ने बेबसी जाहिर कर दी। कडक़ड़ाती ठंड में बुद्घाराम ने बेटी के शव को स्ट्रेचर पर रखा और अस्पताल से करीब 500 मीटर दूर पीएम हाउस ले जाने लगा।
आधी दूरी तय करने के बाद कुछ राहगीरों की नजर उस पर पड़ी और इस संवेदनहीनता को लेकर लोगों ने अस्पताल में मौजूद डॉ. संदीप शर्मा से वाहन न उपलब्ध कराने को लेकर सवाल जवाब किया, जिसके बाद प्रबंधन ने वाहन उपलब्ध कराकर शव को पीएम हाउस पहुंचाया और शुक्रवार की सुबह शव वाहन से बालिका का शव गांव भेजा गया।
