शिवपुरी। इस वर्ष की अब तक की सबसे बडी खबर ग्वालियर से आ रही हैं कि हाईकोर्ट ने पोहरी जनपद अध्यक्ष का चुनाव शून्य घोषित करने का आदेश दिया है। इस आदेश से अब पोहरी के जनपद अध्यक्ष के लिए फिर वोटिंग होगी।
जानकारी के अनुसार 2 वर्ष पूर्व पोहरी के जनपद अध्यक्ष की वोटिंग के दिन चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए खडे हुए भाजपा के विवेक पालीवाल और कांगेंस के प्रद्युम्न वर्मा के समर्थको के बीच सामने सामने की फाररिंग हुई थी। इस उपद्रव में कई गाडिय़ो को निशाना बनाया गया था। इस फायरिंग मे कई लोग घायल हो गए थे। 9 मार्च 2015 को चुनाव में हुए इस उपद्रव के बाद प्रशासन ने चुनाव की मतगणना बंद करा दी थी। इसके बाद स्थिती नियत्रंण में होने के बाद चुनाव करा दिया गया था। जिसपर बीजेपी के विवेक पालीवाल ने चुनाव न लडने का फैसला लिया था। परंतु प्रशासन की मनमानी के चलते प्रशासन ने चुनाव कराया और प्रद्युम्न वर्मा को विजय प्रत्याशी घोषित कर दिया था।
चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद अध्यक्ष काग्रेंस के प्रद्युम्न वर्मा सहित उनके साथियों पर हत्या के प्रयास सहित तमाम धाराओं में मामला भी दर्ज हुआ था। जो उच्च स्तरीय जांच के चलते आज तक सीबीआई की जांच में चल रहा है। इस मामले को लेकर प्रतिद्वंद्वी विवेक पालीवाल ने कोर्ट की शरण ली। आज विवेक पालीवाल के मामले में फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट के जज विवेक अग्रवाल ने इस चुनाव को शून्य घोषित करने का फैसला सुनाया है। यह फैसला कोर्ट ने 3 जनवरी को दिया है। परंतु आज ही इसकी प्रति विवेक पालीवाल को मिल सकी है।
