कोलारस। कोलारस अनुविभाग के बदरवास स्थित ग्राम श्रीपूर में दो प्राचीन मंदिर तोडऩे पहंची प्रशासन की टीम गुरूवार की दोपहर उल्टे पाव लौट आई है। ग्रामीणो न प्रशासन से 7 दिन का समया और मांगा है जिसके बाद वह मंगलवार को पूजा अर्चना कर इन मंदिरो को तोडऩे देगें। बताया गया है कि यह मंदिर फोनलेन सडक के रास्ते में आ रह है।
जानकारी के मुताबिक फोरलेन निर्माण में कुछ मंदिर,मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थान आ रहे है जिसके चलते प्रशासन इनको मुआवजा देकर इन्है तोडनें का काम कर रहा है। गुरूवार को इसी क्रम में कोलारस एसडीएम आरके पांडे बदरवास तहसीलदार एके अकोरिया पुलिस बल व एयरकोन कंपनी के कार्यकर्ता सबसे पहेला ग्राम सुमैला पहुंचे।
जैसे ही सबसे ही उन्होने 70 साल पुराने मंदिर बूढे बालाजी हनुमार मंदिर को तोडने की तैयारी की तो पहले ग्रामीणो ने विरोध किया किन्तु जैसे ही एसडीएम पांडे ने कहा कि इस मंदिर के नवमिर्माण के लिए प्रशासन ने 30 लाख रू मंजुर किए है। इससे भी शानदार मंदिर का निर्माण कराया जाऐगा। इसके बाद ग्रामीण मान गए और इस मंदिर को तोड दिया गया और हनुमान जी की मुर्ति को सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया।
इसके बाद प्रशासन की टीम ग्राम श्रीपुर पहुंची जहां दो मंदिर एक दुर्गा मां का व दूसरा रामजानकी मंदिर भी फोनलेन सडक के रास्ते में आ रहा है। उसे जैसे ही प्रशासन की जेसीबी आगे बढी तो गांव के लोगो ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसके चलते प्रशासन को अपनी कार्यवाही रोकनी पड़ी।
इसके बाद ग्रामीणो ने विचार विमर्श कर कहा कि प्रशासन उन्है 7 दिन का समय और दे इसके बाद वह पूजा पाठ कर ले और मुर्तियो को कहा रखा जाऐगा जिससे उनकी सेवा प्रतिदिन की भातिं हो सके। इसके बाद प्रशासन मंदिर तोड सकता है। इसके बाद प्रशासन की टीम 7 दिन का समय देकर प्रशासन की टीम वापस आ गई।

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।