जैनाचार्य विजय रत्न सूरीश्वर जी और जैन साध्वी के देवलोक गमन पर श्रद्धांजलि सभा

shailendra gupta
शिवपुरी। शिवपुरी में सन् 1973 में चातुर्मास करने वाले परमपूज्य आचार्य श्री श्री 1008 श्रीमद विजय रत्न सूरीश्वर महाराज साहब और उनके साथ पदविहार कर रहीं जैन साध्वी का बलसाड़ हाईवे पर दुर्घटना में आकस्मिक देवलोक गमन हो गया।

जैन संत और साध्वी के देवलोक गमन पर शिवपुरी जैन समाज ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति की ईश्वर से कामना की है। वहीं शिवपुरी में पद बिहार कर पधारे संत राममुनि और संत विकासमुनि के सानिध्य में भी श्रद्धांजलि सभा संपन्न हुई। जिसमें पांच-पांच नवकार मंत्र का पाठ कर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जैनाचार्य विजय रत्न सूरीश्वर जी महाराज का चातुर्मास मु बई में संपन्न हुआ था। चातुर्मास संपन्न कर वह जब पद बिहार कर रहे थे तो बलसाड़ हाईवे पर एक अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। ट्रक की चपेट में जैन साध्वी भी आईं थीं और दोनों का ही निधन हो गया था। यह समाचार मिलते ही शिवपुरी जैन समाज में शोक छा गया। जैन श्वेता बर संघ एवं स्थानकवासी समाज ने आराधना भवन में शोक सभा का आयोजन किया।

जिसमें श्वेता बर समाज के अध्यक्ष दशरथमल सांखला, स्थानाकवासी समाज के अध्यक्ष राजेश कोचेटा, महामंत्री हर्ष कोचेटा, तेजमल सांखला, धर्मेन्द्र गूगलिया, लाभचंद मूथा, मुकेश भांडावत, मुकेश जैन, राजेश गूगलिया, विजय पारख सहित अनेकों जैन धर्मावलंबियों ने भाग लिया और अपनी भावभिनी श्रद्धांजलि अर्पित की। गुरूदेव के आकस्मिक निधन को संघ ने समाज की अपूर्णीय क्षति बताते हुए 11 नवकार मंत्र का पाठ किया। वहीं आज शिवपुरी आगमन पर जैन संत राममुनि और संत विकासमुनि ने भी अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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