मादक पदार्थ के तस्करों को 19-19 वर्ष की सजा

shailendra gupta
शिवपुरी- अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश श्रीवास्तव ने आज एक फैसले में मादक पदाथों की तस्करी करने वाले दो आरोपियों यशपाल सिख पुत्र करनल सिंह सिख और कुलवंत सिंह पुत्र जनरेल सिंह सिख निवासीगढ रामगढ पुलिया पुलिस थाना डबरा के पास को दोषी पाते हुए 19-19 वर्ष के सश्रम कारावास और डेढ़-डेढ़ लाख रूपए के अर्थ दण्ड से दण्डित किया है।

अर्थ दण्ड अदा न करने पर आरोपियों को एक-एक साल प्रथक-प्रथक रूप से सश्रम कारावास की सजा भुगतनी होगी। इस मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक योगेन्द्र विजयवर्गीय ने की। 

अभियोजन की कहानी के अनुसार 3 मार्च 2010 की शाम को सतनवाड़ा पुलिस वाहनों की रूटीन चैकिंग कर रही थी उसी दौरान आरोपीगण की मार्शल गाड़ी क्रमांक एमपी 33 डी 0093 वहां से गुजरी इस पर पुलिस ने गाड़ी को रोक कर जब उसकी चैकिंग की तो मार्शल में से 325 किलो ग्राम मादक पदार्थ डोंड़ा चूरा(पोस्तत्रण) बरामद किया। जिसके बारे में आरोपीगण कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाये। इस पर पुलिस ने आरोपी यशपाल सिंह और कुलबंत सिंह के विरूद्ध स्वापक औषधियों और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम 1985 की धारा 8/15 (ग) का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया तथा चालान न्यायालय में पेश किया। पक्ष विपक्ष की बहस सुनने के बाद माननीय न्यायाधीश महोदय ने दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें सजा सुनाई।


सजा के बाद आरोपी कुलबंत सिंह की जेब से फिर मिला मादक पदार्थ 


माननीय न्यायाधीश महोदय ने जब दोनों आरोपियों को सजा सुनाई और उन्हें जेल भेजने के लिए पुलिस ने अपनी अभिरक्षा में लेकर उनकी खाना तलाशी की तो एक आरोपी कुलबंत सिंह पुत्र जनरेल सिंह की जेब से फिर मादक पदार्थ डोड़ा चूरा बरामद हुआ। इससे स्पष्ट हुआ कि उक्त आरोपी आदतन मादक पदार्र्थों की तस्करी में लिप्त रहता है। न्यायाधीश महोदय ने इस मामले में पुलिस को सूचित किया और बताया जाता है कि मादक पदार्थ की बरामदगी का एक और मामला दोष सिद्ध आरोपी के विरूद्ध कायम किया जाएगा। 
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