शिवपुरी-देश के जाने माने संत आशाराम बापू आज अपने भक्तों को धर्मोपदेश देने शिवपुरी आए। गांधी पार्क में आयोजित विशाल धर्मसभा में संत आशाराम बापू ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके बिना मनुष्य जीवन व्यर्थ है। जब तक जीवन में सत्संग का प्रवेश नहीं होता तब तक मानव जन्म लेने के बाद भी इंसान अभागा है।
उन्होंने कहा कि सत्संग के बिना सिकन्दर और ओरंगजेब जैसे महान सम्राट भी पश्चाताप करते हुए मौत के मुंह में गए। सत्संग के बिना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहिम लिंकन की इतनी बुरी दुर्गति हुई कि वह व्हाईट हाउस में प्रेत बने। इस अवसर पर बापू ने कैसे रहना चाहिए तथा किस तरह से स्वास्थ्य प्रद जिंदगी इंसान जी सकता है इसके टिप्स भी दिए। बापू के दर्शनों के लिए गांधी पार्क में भक्तों का जमावड़ा लगा था।
संत आशाराम बापू ने कांच के चेम्बर में बैठकर धर्मोपदेश दिए। उन्होंने कहा कि इंसान का चरम लक्ष्य धन दौलत अर्जित करना नहीं है लेकिन इसकी प्राप्ति में वह इतना व्यस्त हो जाता है कि सत्संग से नाता तोड़ लेता है। उन्होंने कहा कि सत्संग में बैठना भी उसे नसीब होता है जिस पर ईश्वर की कृपा होती है। बुराई में लिप्त व्यक्ति कभी सत्संग में नहीं बैठ सकता। उन्होंने जीवन में गुरूमंत्र और सत्संग की महिमा बखान करते हुए कहा कि इससे मनुष्य अपनी सार्थकता को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्रकृति और उसके गुणों को जानने वाला व्यक्ति कभी गलत कार्य नहीं कर सकता।
संत आशाराम बापू ने कांच के चेम्बर में बैठकर धर्मोपदेश दिए। उन्होंने कहा कि इंसान का चरम लक्ष्य धन दौलत अर्जित करना नहीं है लेकिन इसकी प्राप्ति में वह इतना व्यस्त हो जाता है कि सत्संग से नाता तोड़ लेता है। उन्होंने कहा कि सत्संग में बैठना भी उसे नसीब होता है जिस पर ईश्वर की कृपा होती है। बुराई में लिप्त व्यक्ति कभी सत्संग में नहीं बैठ सकता। उन्होंने जीवन में गुरूमंत्र और सत्संग की महिमा बखान करते हुए कहा कि इससे मनुष्य अपनी सार्थकता को प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर की प्रकृति और उसके गुणों को जानने वाला व्यक्ति कभी गलत कार्य नहीं कर सकता।
मीडिया ने मेरी छवि धूमिल करने का किया प्रयास
संत आशाराम बापू ने आज गांधी पार्क में दुखी स्वर में कहा कि कुछ लोगों ने करोड़ो रूपये खर्च कर और मीडिया के एक वर्ग के सहयोग से मेरी छवि खराब करने का प्रयास किया, लेकिन सच्चाई पर कुछ प्रभाव नहीं पड़ा। बापू ने कहा कि विश्व के 167 देशों के लोग उनके सत्संग का लाभ उठा रहें हैं और शिवपुरी में भी पिछली बार की तुलना में इस बार काफी अधिक भीड़ सत्संग का लाभ उठाने के लिए आई है।
बापू ने बताए स्वस्थ्य रहने के उपाय
संत आशाराम बापू ने स्वस्थ रहने के तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्षाकाल में पाचन शक्ति कमजोर होती है, भूख कम लगती है। थकावट और कमजोरी महसूस होती है। ऐसी स्थिति में वर्षाकाल में पति पत्नि को सहवास से दूर रहना चाहिए अन्यथा संतान कमजोर होती है और स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने उवटन लगाकर स्नान करने की सलाह दी और कहा कि शेम्पू के इस्तेमाल से बाल कमजोर होकर झड़ जाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने अपने उत्पादों का भी प्रचार किया।
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