शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका मे 48 घंटे बाद अर्थात 3 नबंवर को परिषद की बैठक होने वाली हैं,यह परिषद की बैठक 7 माह बाद बुलाई गई हैं। इस परिषद की बैठक मे 233 % बढी हुई दरो पर भुगतान करने की तैयारी करनी है,वही मध्यप्रदेश के सीएम दवारा तय की गई गाइडलाइन तोडने की तेयारी की जा रह है वही इस परिषद की बैठक मे एक ऐसा भुगतान नगर पालिका तैयारी कर रही है जिसकी शिकायत लोकायुक्त और मामला हाईकोर्ट मे विचारा धीन है।
233 प्रतिशत बढी हुई दर मे भुगतान मे नगर पालिका सीएमओ ने अपनी कलम भुगतान कट करने की कलम चलाई थी,लेकिन अध्यक्ष ने कट कलम पर फिर कलम चला दी,अब 30 लाख के जगह उसी काम का 1 करोड भुगतान करने की तैयारी नगर सरकार कर रही है,कुल मिलाकर परिषद मे बिुंदु पास कर भ्रष्टाचार को परिषद की मुहर लगवाकर भ्रष्टाचार को वैध करने का दस्तावेज नजर आ रहा है।
परिषद की बैठक मे अध्यक्ष व सीएमओ ने एजेंडा जारी कर दिया है।
एजेंडे में कुल 27 बिंदु रखे गए है, बिंदु नंबर 7 पर तो टेट का जो काम पिछले साल महज 30 लाख रुपए में दिया गया था, उसे अब नगर पालिका एक करोड़ रुपए देने की तैयारी में है। कुल मिलाकर सीधे शब्दो मे लिखे तो कंगाल नगर पालिका शिवपुरी 70 लाख भुगतान करने की तैयारी कर रही है,कर्मचारियो को वेतन ना देने वाली नगर पालिका 233 प्रतिशत अधिक का भुगतान करने की तैयारी की रही है। आप ही समझे नगर पालिका मे एक साल मे कितने प्रतिशत महंगाई बढी है।
2 साल पूर्व सीएम की जारी गाइडलाइन को तोडने की तैयारी है
शिवपुरी नगर पालिका मे भाजपा की नगर सरकार है,मध्यप्रदेश मे भाजपा की सरकार है सरकार ने फुटपाथ पर बैठकर धंधा करने वाले को बाजार बैठक से मुक्त कर दिया था,लेकिन शिवपुरी की नगर पालिका की नगर सरकार ने होने वाली परिषद की बैठक मे 11 नंबर पर उल्लेखित बिंदु मे बाजार बैठक वसूली का प्रस्ताव रखा गया है। यह प्रस्ताव किस आधार पर है, इसका कोई पता नहीं है।
इतना ही नहीं एजेंडे का आखिरी बिंदु
समाधिया कॉपरेशन द्वारा किए गए नलकूप मोटर मरम्मत कार्य के लंबित भुगतान के संबंध में है जबकि इस पूरे मामले की लोकायुक्त में शिकायत के बाद मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन हैं। ऐसे में नगर पालिका इस मामले में भुगतान कैसे कर सकती है। साथ ही कई बड़े वाहनों से लेकर अन्य सामग्री क्रय करने के इस एजेंडे में प्रस्ताव है, जबकि नगर पालिका की आर्थिक स्थिति किसी से छिपी नहीं है। ऐसे में यह काम कैसे हो पाएंगे, यह बात समझ से परे है।
पिछले साल 30 लाख रुपए में हुआ था टेंट का ठेकाः
पिछले साल वर्ष 2025-26 में टेंट का काम 30 लाख रुपए का हुआ था। इसमें 15 अगस्त व 26 जनवरी का कार्यक्रम 5-5 लाख रुपए और सालभर में नगर पालिका द्वारा जो भी शासकीय आयोजन हुए, उनमें टेंट का जो काम हुआ, वह केवल 20 लाख रुपए का था। अब इसी काम को 1 करोड़ रुपए में देने का ताना-बाना बुना जा रहा है।
इस बार सम्मेलन में हंगामे के आसार
नगर पालिका में हुए पिछले दो सम्मेलनों में तो अध्यक्ष के विरोधी 20 से अधिक पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया था और वह सम्मेलन में शामिल ही नहीं हुए थे, लेकिन इस बार विरोधी पार्षद भी सम्मेलन में शामिल होने की बात सामने आई है। वार्ड नंबर 20 के पार्षद विजय शर्मा का कहना है कि एजेंडे में कई बिंदुओं पर विवाद की स्थिति है। कई में तो खुलेआम भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है। इसलिए वह इन बिंदुओं को परिषद से पास नहीं होने देंगे। कुछ बिंदु तो ऐसे है जिनके काम पहले हो चुके है और उनकी स्वीकृति अब इस परिषद में ली जा रही है। हम सभी पार्षद मिलकर विरोध करने की पूरी योजना बना रहे है।
अध्यक्ष ने किया है टेंट का एक करोड़
मैंने भी टेंट की फाइल पर 40 लाख रुपए लिखे थे, लेकिन अध्यक्ष ने उसको एक करोड़ रुपए कर दिया। बाकी परिषद में हम चर्चा के बाद ही तय करेंगे कि यह काम कितने का होगा। बाकी समाधिया कॉपरेशन वाले मामले में अभी हाईकोर्ट से केवल नोटिस आया था. उत्ते दिखवा लेंगे भुगतान हो सकता है या नहीं। बाजार बैठक वसूली को लेकर जो भी नियम होंगे, उसी के मुताबिक काम होगा।
यशवंत राठौर, सीएमओ, नगर पालिका

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