पिछोर। शिवपुरी के पिछोर में गुरुवार को पहली बार सास-बहू दिवस पर अनोखा कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में पिछोर सहित ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचीं सास-बहुओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सास ने बहुओं का तिलक लगाकर, गुलाब का फूल और उपहार देकर सम्मान किया। वहीं सास-बहुओं ने एक-दूसरे को गले मिलकर परिवार में प्रेम, आपसी समझ और सामंजस्य बनाए रखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि परिवार में सास और बहू का रिश्ता बेहद जरूरी होता है। कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों के बीच मनमुटाव हो जाता है। ऐसे में आपसी बातचीत, सम्मान और समझदारी से रिश्ते को मजबूत बनाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से सास-बहू दिवस के माध्यम से परिवारों में सकारात्मक संदेश पहुंचाने की पहल की गई।
महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ अनुभव साझा किए और पारिवारिक रिश्तों में प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखने की शपथ भी ली। सास-बहुओं के बीच हुए इस मिलन कार्यक्रम को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
आयोजकों ने बताया कि 1 अक्टूबर को सामाजिक स्तर पर 'बहुरानी दिवस' के रूप में मनाने की परंपरा शुरू हुई है, जिसे कई जगह सास-बहू दिवस के नाम से भी जाना जाता है। इसी सकारात्मक पहल को पिछोर में पहली बार कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।
महिला मोर्चा विमुक्त ने कराया कार्यक्रम
कार्यक्रम समाजसेवी और महिला मोर्चा विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु जनजाति महासंघ की जिला अध्यक्ष किरण पाल (पिछोर) के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंडल अध्यक्ष प्रीति पाल ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में जूली जाटव, ममता बंशकार, रानी पाल, रानी जाटव, पूजा लोधी, भारती लोधी, शिवानी लोधी, पुष्पा पाल, सूरज पाल और अखिलेश पाल सहित अन्य सहयोगियों की भूमिका रही।

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