शिवपुरी। जनता की शिकायतों के समाधान के लिए शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन में शिकायतों का निराकरण नहीं करना महिला एवं बाल विकास विभाग के एक परियोजना अधिकारी को भारी पड़ गया। पिछोर परियोजना में 683 शिकायतें लंबित मिलीं, जिनमें 468 शिकायतें ऐसी थीं, जो 100 दिन से अधिक समय से अटकी हुई थीं। लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बावजूद शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं लेने पर परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी को निलंबित कर दिया गया।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा द्वारा सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना पिछोर में बड़ी संख्या में शिकायतें लंबित पाई गई थीं। समीक्षा में सामने आया कि कुल 683 शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ था, जबकि इनमें 468 शिकायतें 100 दिवस से अधिक पुरानी थीं।
निर्देश मिलते रहे, शिकायतें बढ़ती रहीं
मामला सिर्फ एक समीक्षा तक सीमित नहीं था। इससे पहले भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवपुरी द्वारा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा की गई थी। उस दौरान भी शिकायतें लंबित मिली थीं और परियोजना अधिकारी को उनके निराकरण के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद शिकायतों के निपटारे में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। लगातार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश के बाद भी शिकायतों के निराकरण में रुचि नहीं लेने को प्रशासन ने गंभीर लापरवाही माना।
कलेक्टर के प्रस्ताव पर संभागायुक्त ने की कार्रवाई
मामले में कलेक्टर अर्पित वर्मा के प्रस्ताव के आधार पर संभागायुक्त ग्वालियर मनोज खत्री ने परियोजना अधिकारी अरविंद तिवारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
निलंबन अवधि के दौरान अरविंद तिवारी का मुख्यालय कार्यालय संयुक्त संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, ग्वालियर संभाग, ग्वालियर निर्धारित किया गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई को सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के लिए सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।

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