शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा द्वारा तहसीलदार कार्यालय पोहरी के रीडर एवं सहायक ग्रेड-3 पुनीत गुप्ता के विरुद्ध अभियोजन स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक, विशेष पुलिस स्थापना (लोकायुक्त), ग्वालियर से प्राप्त पत्र और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण पश्चात भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है।
आवेदक श्री अतर सिंह धाकड़ (निवासी रनधीर, थाना पोहरी) द्वारा लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई गई थी कि उनके बड़े भाई की कृषि भूमि के पास स्थित शासकीय नाले से पत्थर की बाउण्ड्री हटवाने और पानी का निकास सुधारने के संबंध में तहसीलदार पोहरी के समक्ष प्रकरण दर्ज किया गया था। इस कार्य के एवज में तत्कालीन सहायक ग्रेड-3 एवं रीडर पुनीत गुप्ता (पुत्र स्व. श्री हरीओम गुप्ता, निवासी वन विहार कॉलोनी, शिवपुरी) द्वारा आवेदक से रिश्वत की मांग की गई थी।
लोकायुक्त ग्वालियर की टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी पुनीत गुप्ता को तहसील कार्यालय पोहरी में 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था, जिसके बाद पुनीत गुप्ता के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र एवं नियमों का पालन करते हुए तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 218 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 19 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए कलेक्टर श्री अर्पित वर्मा द्वारा आरोपी श्री पुनीत गुप्ता के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में प्रकरण के परीक्षण एवं संज्ञान हेतु औपचारिक अभियोजन स्वीकृति जारी कर दी गई है। जिला प्रशासन के इस कदम का उद्देश्य शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करना है।

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