शिवपुरी। मप्र सरकारी बडी जनकल्याण कारी स्वामित्व योजना मे विभागीय लापरवाही सामने आ रही है। योजना को अमलीजमा पहनाने से पूर्व शासन ने सर्वे कराया था लेकिन इस सर्वे मे अब लोगो के नाम छूटने का मामला भी सामने आना लगा है। सतनवाडा मे एक ऐसा मामला समाने आया हे जिसमे एक हितग्राही का नाम सर्वे सूची मे नही मिला इस कारण फिलहाल वह स्वामित्व योजना के लाभी से वचिंत हो गया है। हितग्राही ने आज इस मामले को लेकर सतनवाडा वृत के तहसीलदार को एक शिकायती आवेदन सौंपा है।
सतनवाड़ा कलां की हरिजन बस्ती में रहने वाले कैलाश जाख पुत्र वंशी जाटव ने आबादी क्षेत्र की सर्वे सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है। उन्होंने आवेदन देकर नाम जोड़ने की मांग की है।
आवेदन के अनुसार, कैलाश जाटव ग्राम सतनवाड़ा कलां के आबादी क्षेत्र में निवास करते हैं। उनके मुताबिक, वहां उनके तीन मकान और 40×30 फीट का एक प्लॉट है, जिसका कुल क्षेत्रफल 1200 वर्गफीट है। उन्होंने बताया कि शासकीय कर्मचारियों द्वारा सर्वे किए जाने के दौरान वह मजदूरी करने गए थे, जिसके कारण उनका नाम सर्वे सूची में दर्ज नहीं हो सका।
कैलाश का कहना है कि पंचायत भवन में उपलब्ध सर्वे सूची देखने पर भी उन्हें अपना नाम नहीं मिला। उन्होंने संबंधित तहसीलदार से सर्वे सूची में नाम जोड़ने की मांग की है, ताकि आबादी क्षेत्र की संपत्ति की रजिस्ट्री कराने में उन्हें सहायता मिल सके। कैलाश जाटव ने है आरोप लगाया है कि सतनवाड़ा कला पंचायत भवन पर पटवारी और सर्वे के द्वारा जो स्वामित्व योजना में रजिस्ट्री के लिए ई केवाईसी की जा रही है उसके लिए पटवारी के सर्वे के द्वारा ₹50 प्रत्येक केवाईसी की मांग की जा रही है ।

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