शिवपुरी। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा के शिवपुरी दौरे मे लापरवाही के कई मामले सामने आए है। जिले मे बिना मान्यता चल रहे दो मदरसे संचालित हो रहे है,वही फतेहपुर के छात्रावास मे बच्चों के सोने के कमरों में सीसीटीवी कैमरे चालू मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई।
उन्होंने कहा कि बेटों की भी निजता होती है। हाईकोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाए,वही शिक्षा विभाग मे 29600 बच्चो के ड्रापआउट मिलने की खबर है। लापरवाही मे पुलिस विभाग भी पीछे नही है। 1 जनवरी से 30 सितंवर तक नाबालिगो की गुमशुदगी और पॉक्सो एक्ट के मामलो मे 115 मामले पुलिस रिकॉर्ड मे दर्ज है जबकि सीडब्लयूसी के पास 41 मामलो का रिकॉर्ड से गायब है।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला समन्वय समिति की बैठक में राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष निवेदिता शर्मा ने इस पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से आंकड़ों में अंतर का कारण पूछा और पूरी कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आगे से गुमशुदा बच्चों की सुपुर्दगी सीडब्ल्यूसी की मौजूदगी में ही की जाए।
बैठक से पहले आयोग अध्यक्ष ने फतेहपुर स्थित विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के छात्रावास (सीडब्ल्यूएसएन) का निरीक्षण किया। यहां कई कमियां मिलीं। बच्चों के सोने के कमरों में सीसीटीवी कैमरे चालू मिलने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बेटों की भी निजता होती है। हाईकोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया जाए। दिव्यांग बच्चों के कमरों की खिड़कियां बंद थीं और अंदर कपड़े सूख रहे थे। प्रबंधन ने सांप आने के खतरे के कारण खिड़कियां बंद रखने की बात कही।
प्रवेश रजिस्टर में माता-पिता के पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिलने पर अध्यक्ष ने प्रबंधन को फटकार लगाई। मंगलम एनजीओ के पदाधिकारियों ने बताया कि 6 लाख रुपए के स्वीकृत बजट में से केवल 2 लाख रुपए मिले हैं। जुलाई के बाद राशि नहीं मिली। अध्यक्ष ने भोपाल स्तर पर बात कर बजट जारी कराने का आश्वासन दिया।
शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया कि जिले में कक्षा 1 से 8 तक 9,600 और कक्षा 9 से 12 तक 20,000 विद्यार्थी ड्रॉपआउट हैं। अध्यक्ष ने कहा कि यदि बेटियों ने 12वीं तक पढ़ाई पूरी नहीं की, तो लाड़ली लक्ष्मी योजना की राशि रुक जाएगी। इसके जिम्मेदार अधिकारी होंगे। समीक्षा में पता चला कि सतनवाड़ा और बदरवास में दो मदरसे बिना मान्यता के संचालित हो रहे हैं। आयोग अध्यक्ष ने कड़ी आपत्ति जताते हुए जांच के आदेश दिए। वहीं अन्य 3 मान्यता प्राप्त मदरसों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए।
भिक्षावृत्ति रोकने के लिए पुलिस, शिक्षा, महिला-बाल विकास व जिला पंचायत को संयुक्त अभियान चलाने को कहा। सामाजिक न्याय विभाग को नशामुक्ति केंद्र और दिव्यांग बच्चों के लिए हॉस्टल शुरू करने के निर्देश दिए। सेंट चार्ल्स स्कूल का प्रकरण कोर्ट में होने के बाद भी उसे मान्यता दिए जाने पर शिक्षा विभाग से पूरी रिपोर्ट तलब की।

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