शिवपुरी। शिवपुरी जिले के कोलारस के सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य का वीडियो सोशल पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह पैर पकड कर माफी मांग रहे है। इस वीडियो के पीछे एक महिला शिक्षिका का दर्द निकल कर सामने आया है। प्राचार्य संदीप कुलश्रेष्ठ स्कूल मे पदस्थ लेडिज गेस्ट फैकल्टी से उनके फ्री पीरियड का समय गोल्डन टाइम मे परिवर्तित करना चाहते थे,महिला शिक्षिका को कुलश्रेष्ठ साहेब ने फरमान सुनाया था कि वह फ्री पीरियड मे आप मेरे साथ बहार घूमो,हालाकि यह वीडियो पुराना है और महिला शिक्षिका ने भी अब नौकरी का त्याग कर दिया है। वह कुलश्रेष्ठ साहेब यह कह रहे है कि उनके खिलाफ यह षडयंत्र हैं,लेकिन वायरल वीडियो मे हमारे कुलश्रेष्ठ साहेब किसके पैर पकड रहे है और क्यो यह सवाल अभी खडा हैं।
स्कूल के प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ पर आरोप है कि, उन्होंने अतिथि महिला शिक्षिकाओं को फरमान दिया कि, अपने फ्री पीरियड में मेरे साथ बाहर घूमो। वीडियो में आरोप लगा रही महिला शिक्षिका बेहद स्पष्ट शब्दों में कह रही है कि, आपने यह एक बार नहीं तीन बार कहा था। हालांकि यह वीडियो कुछ समय पुराना बताया जा रहा है, जो अब वायरल हुआ हैं।
थाने की धमकी देने पर मांगी माफी
इस पूरे मामले स्कूल में ही हंगामा हुआ और शिक्षिका ने साफ कहा, अब मैं थाने जाऊंगी। थाने की धमकी सुनते ही प्राचार्य ने महिला शिक्षिका के पैर छूकर माफी भी मांगी। वीडियो ने पूरे मामले की पोल खोल दी है। कोलारस में अब एक ही सवाल है, अगर फरमान नहीं दिया था, तो पैर क्यों छूने पडे,माफी किस गुनाह की
मैंने अपने वयान पलट कर आपको वचाया था
वायरल वीडियो में शिक्षिका एक अन्य शिक्षिका का नाम लेते हुए वह भी कह रही है कि सर, मैंने महिला बाल विकास में अपने बयान पलट कर आपको बचाया है। मैंने वहां जाकर नहीं बताया कि वह मेरे आगे रोईं थीं। इसके साथ ही महिला शिक्षिका वीडियो में इस बात की भी गारंटी मांग रही है कि, इस स्कूल में आज के बाद ऐसे कृत्य नहीं होने चाहिए।
बाद में दोनों को छोड़नी पड़ी नौकरी
स्कूल के विश्वसनीय सूत्रों की माने तो, यह कोई फिसली हुई जुबान नहीं, बल्कि सीधा-समझा दबाव था। आरोप है कि प्राचार्य राकेश कुलश्रेष्ठ महिला शिक्षिकाओं को अकेले में बुलाकर खाली पीरियड का गलत इस्तेमाल करने का दबाव बनाते थे। लगातार की जा रही अशोभनीय टिप्पणियों और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर एक महिला शिक्षिका ने खुलकर विरोध कर दिया। इसके बाद उन्हें स्कूल से नौकरी छोड़कर जाने को मजबूर होना पड़ गया।
प्राचार्य वोले- मैं निर्दोष, महिलाएं झूठीः
इस पूरे मामले में प्राचार्य कुलश्रेष्ठ का कहना है कि, मुझ पर लगे आरोप निराधार हैं। गलती उन दो महिलाओं की थी, जिन्होंने झूठे आरोप लगाए और अब नौकरी छोड़कर चली गई हैं, लेकिन उनका यह बयान वीडियो के सामने बौना पड़ रहा है। लोग पूछ रहे हैं अगर दो महिलाएं झूठी थीं और नौकरी छोड़कर चली गईं, तो आप वीडियो में किसके पैर पकड़ रहे हैं और क्यों।

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