शिवपुरी। विवाह का भरोसा देकर महिला के कथित यौन शोषण के मामले में दो दिन चले घटनाक्रम के बाद आखिरकार महिला थाना शिवपुरी पुलिस ने पत्रकार अजय राज सक्सेना के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 69 के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया है। वहीं 30 सितंबर को हुई कथित मारपीट की घटना में पीड़िता की शिकायत पर अजय की मां एवं एसडीएम पब्लिक स्कूल की संचालिका अनीता सक्सेना और उसकी पत्नी ज्योति सक्सेना के विरुद्ध भी मामला दर्ज किया गया है।
मामला करीब चार साल पुराने परिचय और संबंधों से जुड़ा है। पीड़िता का आरोप है कि अजय उसकी तत्कालीन वैवाहिक स्थिति से परिचित था, लेकिन उसने स्वयं के पहले से विवाहित होने की बात उससे छिपाई और खुद को अविवाहित बताते हुए विवाह करने तथा भविष्य में स्थायी रूप से साथ रखने का भरोसा दिलाया। महिला का आरोप है कि इसी विश्वास के चलते दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।
चार साल पुराने परिचय से शुरू हुआ मामला
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि करीब चार वर्ष पहले उसकी पहचान अजय राज सक्सेना से हुई थी। शुरुआत में वह अजय के कार्यालय में काम करती थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं।
महिला का आरोप है कि अजय को उसके विवाहित होने की जानकारी थी, जबकि अजय ने अपनी वास्तविक वैवाहिक स्थिति उससे छिपाए रखी। महिला का कहना है कि बाद में जब उसे अजय के पहले से विवाहित होने की जानकारी मिली तो उसने इसका विरोध किया। इसके बावजूद अजय उसे अपने साथ रखने और भविष्य में विवाह करने का भरोसा देता रहा।
पीड़िता ने यह आरोप भी लगाया है कि अजय उसके तत्कालीन वैवाहिक जीवन में हस्तक्षेप करता रहा और उसके पति के विरुद्ध पुलिस तथा अन्य अधिकारियों को शिकायतें देने में भी उसकी भूमिका रही। इन आरोपों की वास्तविकता अब पुलिस विवेचना में सामने आएगी।
बरसाना में मांग में सिंदूर भरने का भी आरोप
पीड़िता ने पुलिस को दिए कथन में करीब दो वर्ष पहले की एक घटना का भी उल्लेख किया है। उसका आरोप है कि अजय उसे वृंदावन-बरसाना लेकर गया था, जहां राधारानी मंदिर में उसने उसकी मांग में सिंदूर भरकर इसे विवाह के रूप में प्रस्तुत किया। इसके बाद दोनों के करीब पांच दिन गोवर्धन में साथ रहने की बात भी महिला ने पुलिस को बताई है। इस घटनाक्रम से संबंधित उपलब्ध फोटो, यात्रा एवं ठहरने से जुड़े रिकॉर्ड तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य पुलिस जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
16 सितंबर को फिर साथ निकले, गुना से इंदौर और भोपाल तक पहुंचे
पीड़िता ने पुलिस के सामने सितंबर में अजय के साथ शिवपुरी से बाहर जाने की बात भी रखी है। महिला के अनुसार 16 सितंबर को अजय ने उसे आईटीबीपी गेट के सामने होटल उदय विलास के पास बुलाया, जिसके बाद दोनों गुना, इंदौर और भोपाल गए। महिला का आरोप है कि इस दौरान भी वह अजय से उसे अपने साथ रखने और उसके बच्चों की जिम्मेदारी उठाने की बात करती रही तथा उसे भविष्य को लेकर आश्वासन दिया जाता रहा। इस यात्रा से संबंधित होटल, यात्रा, भुगतान एवं उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड अब पुलिस विवेचना में घटनाक्रम की पुष्टि के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
निजी फोटो-वीडियो को लेकर धमकाने का भी आरोप
पीड़िता ने अपनी शिकायत में अजय पर उसके निजी एवं अंतरंग फोटो-वीडियो अपने पास रखने और उनके माध्यम से कथित रूप से धमकाने, ब्लैकमेल करने तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं।इन आरोपों की जांच में मोबाइल फोन, मूल चैट, संदेश तथा अन्य उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सत्यता और उनका संदर्भ पुलिस विवेचना में निर्धारित होगा।
क्या कहती है भारतीय न्याय संहिता की धारा 69?
भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 ऐसे मामले से संबंधित है जिसमें कोई व्यक्ति छलपूर्ण साधनों का प्रयोग करके अथवा किसी महिला से विवाह करने का ऐसा वादा करके, जिसे पूरा करने की उसकी मंशा न हो, उसके साथ यौन संबंध स्थापित करता है और ऐसा कृत्य बलात्कार की श्रेणी में नहीं आता।इस धारा के तहत दोषसिद्धि होने पर 10 वर्ष तक के कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। अजय राज सक्सेना के मामले में इस धारा के आवश्यक तत्व उपलब्ध साक्ष्यों से प्रमाणित होते हैं अथवा नहीं, इसका निर्धारण पुलिस विवेचना और आगे की न्यायिक प्रक्रिया में होगा।
30 सितंबर को घर पहुंची पीड़िता, मां और पत्नी पर मारपीट का आरोप
चार साल पुराने संबंधों से जुड़ा मामला 30 सितंबर को एक नए घटनाक्रम में बदल गया। पीड़िता अजय राज सक्सेना के निवास पर पहुंची। उसका कहना है कि वह अजय से जुड़े विवाद को लेकर बातचीत करने वहां गई थी।
महिला का आरोप है कि वहां अजय की मां अनीता सक्सेना और पत्नी ज्योति सक्सेना से उसका विवाद हुआ और दोनों ने उसके साथ मारपीट की। पीड़िता ने अपना मोबाइल फोन तोड़े जाने का आरोप भी लगाया है।इसी शिकायत के आधार पर अनीता सक्सेना और ज्योति सक्सेना के विरुद्ध भी पुलिस ने मारपीट से संबंधित मामला दर्ज किया है।
चोटों के साथ कोतवाली पहुंची पीड़िता, चिकित्सकीय परीक्षण में देरी का आरोप
30 सितंबर की घटना के बाद पीड़िता थाना कोतवाली पहुंची और लिखित शिकायत प्रस्तुत की। महिला का कहना है कि वह चोटों की स्थिति में काफी समय तक पुलिस के समक्ष मौजूद रही, लेकिन तत्काल उसका चिकित्सकीय विधिक परीक्षण नहीं कराया गया। इसके बाद मामला पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचा और बाद में पीड़िता को महिला थाना भी बुलाया गया।
1 अक्टूबर को पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक को अलग आवेदन देकर कहा कि 30 सितंबर की कथित मारपीट में लगी चोटों का दोपहर तक चिकित्सकीय विधिक परीक्षण नहीं कराया गया था। उसने तत्काल परीक्षण कर चोटों की स्थिति को चिकित्सकीय अभिलेख में दर्ज कराने की मांग की। 24 सितंबर को मेडिकल पर्चा, अगले ही दिन अजय ने दिया पुलिस आवेदन इस पूरे घटनाक्रम में 24 और 25 सितंबर की घटनाएं भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण बताई जा रही हैं।
पीड़िता का कहना है कि 24 सितंबर को अजय ने उसे एक डॉक्टर के नाम का चिकित्सकीय पर्चा भेजकर अपनी तबीयत अत्यधिक खराब होने की बात कही थी। बाद में महिला ने उस पर्चे की सत्यता को लेकर संदेह जताया। महिला ने पर्चे को स्वयं फर्जी घोषित करने के बजाय पुलिस से संबंधित चिकित्सक से उसकी सत्यता का स्वतंत्र सत्यापन कराने की मांग की है।
इसके अगले ही दिन 25 सितंबर को अजय राज सक्सेना द्वारा पीड़िता के विरुद्ध पुलिस को एक आवेदन दिए जाने की बात सामने आई। ऐसे में 24 सितंबर को भेजे गए चिकित्सकीय पर्चे, 25 सितंबर के पुलिस आवेदन और इसके बाद 30 सितंबर को हुए घटनाक्रम की समयरेखा भी पुलिस जांच का हिस्सा बन सकती है।
दो दिन चले घटनाक्रम के बाद देर शाम दर्ज हुए मामले
30 सितंबर को थाना कोतवाली में शिकायत देने से शुरू हुआ घटनाक्रम पुलिस अधीक्षक कार्यालय और महिला थाना तक पहुंचा। अगले दिन चोटों के चिकित्सकीय परीक्षण में कथित देरी का मुद्दा भी पुलिस अधीक्षक के समक्ष उठाया गया। इसके बाद देर शाम महिला थाना पुलिस ने अजय राज सक्सेना के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत प्रकरण दर्ज किया। वहीं 30 सितंबर की कथित मारपीट के मामले में अनीता सक्सेना और ज्योति सक्सेना के विरुद्ध भी मामला कायम किया गया।

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