नरवर। राजा नल की ऐतिहासिक नगरी नरवर में इन दिनों एक अजीबोगरीब जादू चल रहा है। यहां किसानों की सुविधा के लिए बनी एक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला पिछले तीन सालों से अंधेर नगरी चौपट राजा की कहावत को पूरी शिद्दत से चरितार्थ कर रही है।
हकीकत यह है कि इस इमारत के मुख्य गेट पर जंग खाया हुआ ताला लटक रहा है, अंदर बैठने के लिए एक कुर्सी तक नहीं है और खिड़कियों से झांकने पर सिर्फ धूल और मकड़ी के जाले नजर आते हैं। लेकिन, सरकारी फाइलों का तिलिस्म देखिए! इन फाइलों में यह बंद लैब रोज नए सैंपल टेस्ट कर रही है और लाखों रुपये का सरकारी बजट बड़े आराम से डकार रही है।
जांच के नाम पर शाही स्वागत और घर बैठे क्लीन चिट
जब इस फर्जीवाड़े की शिकायत हुई, तो तत्कालीन उपसंचालक पान सिंह काकोरिया जांच के लिए नरवर पहुंचे। लेकिन साहब का मिजाज देखिए, वे लैब की चौखट तक जाने की जहमत उठाने के बजाय सीधे घोटाले की आरोपी संस्था 'जय बगीचा सरकार फार्मर प्रोड्यूसर प्राइवेट लिमिटेड छितरी' के प्रबंधक के घर पहुंच गए। वहां शॉल, श्रीफल और मालाओं से उनका शाही स्वागत हुआ। खातिरदारी का असर ऐसा हुआ कि साहब ने ड्राइंग रूम की टेबल पर बैठे-बैठे ही बंद पड़ी इस खस्ताहाल लैब को कागजों में 'उत्तम' का सर्टिफिकेट थमा कर क्लीन चिट दे दी।
साहब बदले, लेकिन सिस्टम का खेल वही
अधिकारियों के तबादले हुए, लेकिन भ्रष्टाचार की यह मशीन बिना रुके चलती रही। सोचिए, जिस लैब का 5000 रुपये का बिल बकाया होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया गया था, उसने बिना बिजली के ही 1600 मिट्टी के सैंपल पास कर दिए और 4 लाख रुपये निकाल लिए गए। आज लैब में बिजली तो है, लेकिन मशीन और उपकरण सिर्फ कागजों पर ही शोभा बढ़ा रहे हैं। धरातल पर शून्य होने के बावजूद, फर्जी सैंपलिंग का आंकड़ा 1600 से कई गुना बढ़ चुका है और भुगतान का सिलसिला बदस्तूर जारी है।
युवाओं के हक पर डाका
इस पूरे खेल में सबसे बड़ा धोखा नरवर के युवाओं और स्थानीय कृषि स्नातकों के साथ हुआ है। नियम के मुताबिक उन्हें रोजगार मिलना था, लेकिन कागजों में 50 किलोमीटर दूर रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति को 'लैब टेक्नीशियन' बना दिया गया है, जिसे आज तक नरवर के किसी किसान ने देखा तक नहीं है।
किसने क्या कहा?
जब 4 लाख का घोटाला उजागर हुआ था, तो लगा था कि दोषी जेल जाएंगे। पर जांच अधिकारी तो आरोपियों के घर शॉल-माला पहनने चले गए। अब हमने कृषि मंत्री से मांग की है कि भोपाल की एक स्वतंत्र टीम से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।"
सगीर खान, पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष, नरवर
मुझे कागजों में चल रही इस मिट्टी परीक्षण लैब के बारे में आपके (मीडिया के) माध्यम से ही पता चला है। मैं तुरंत इसका निरीक्षण करवाऊंगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उमेश शाक्य, उपसंचालक कृषि

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