शिवपुरी। शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने आज एक पत्रकार वार्ता आयोजित की थी। इस 10 मिनिट की पत्रकारता मे विषय था समीर गांधी के झांसी तिराहे के वाले पेट्रोल पंप की जमीन। नगर पालिका अध्यक्ष के इस वार्ता का सार एक शब्द मे लिखे तो लिख सकते है कि सीएमओ ने समीर गांधी को सुप्रीम कोर्ट जाने का समय दिया है,और 2 करोड रूपए की वसूली का नोटिस नही दिया है।
पहले आप समझे समीर गांधी के मामले को
शिवपरी। शिवपुरी शहर के समाजसेवी व्यापारी समीर गांधी झांसी तिराहे वाले पेट्रोल पंप की जमीन का मामला हाईकोर्ट मे विचाराधीन था। हाईकोर्ट मे समीर गांधी हार गए और अब समीर गांधी को अपना झांसी तिराहा पेट्रोल पंप को 10 दिवस के अंदर हटाना होगा। नगर पालिका शिवपुरी ने इस जमीन को खाली करने का नोटिस की समय सीमा से अधिक निकल चुका है,इस जमीन की कीमत 50 करोड से अधिक बताई जा रही है।
महज 279 रुपये सालाना किराये पर दी गई थी करोड़ों की जमीन
नगर पालिका सीएमओ यशवंत राठौर के अनुसार, वर्ष 1960 में एबी रोड स्थित झांसी तिराहे के पास ब्लॉक क्रमांक 1, 2, 3 और 4 की 170-80 वर्गफीट जमीन 25 साल की लीज पर आवंटित की गई थी। उस दौर में इसका मूल प्रीमियम 4,472 रुपये और वार्षिक किराया सिर्फ 279.50 रुपये तय किया गया था। नियमानुसार लीज अवधि समाप्त होने से छह महीने पहले नवीनीकरण (Renewal) का आवेदन देना अनिवार्य था। ऐसा न करने पर लीज को आगे बढ़ाना या निरस्त करना पूरी तरह से नगर पालिका के अधिकार में था। 25 साल पूरे होने के बाद संबंधित फर्म ने न तो विधिवत नवीनीकरण कराया और न ही शर्तें पूरी कीं, जिसके बाद यह हाईप्रोफाइल मामला कोर्ट की दहलीज तक पहुंच गया था।
सीएमओ ने जानबुझकर समय दिया
शिवपुरी नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने इस मामले को लेकर पत्रकारो से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे पास इस जमीन को हाईकोर्ट के आदेश के बाद खाली कराने का पर्याप्त समय था लेकिन सीएमओ की लापरवाही नोटिस का समय निकल जाने के बाद भी इस जमीन को मुक्त नही कराया गया,नोटिस के समय निकल जाने के बाद यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।
गायत्री शर्मा ने कहा कि समय था हम नगर पालिका की करोडो की जमीन को मुक्त करा सकते थे,इस जमीन का मामला वर्षो न्यायालय मे चलता रहा और इसका फायदा लीजधारी का मिलता गया। जब हम हाईकोर्ट मे जीत गए तो तत्काल इस जीमन को मुक्त कराने की कवायद शुरू करनी थी लेकिन सीएमओ ने नोटिस का समय बीत जाने के बाद भी इस जमीन को मुक्त नही करया है। समय मिलने के कारण लीजधारी ने सुप्रीम कोई मे अपील कर दी,अब नगर पालिका शिवपुरी को अपना पक्ष रखना होगा।
बताया जा रहा है कि नगर पालिका गायत्री शमा ने इस प्रकरण मे बार बार सीएमओ यशवंत राठोर को पत्र भी लिख रही थी लेकिन सीएमओ ने काई एक्शन नही लिया। प्रेस वार्ता मे गायत्री शर्मा ने खुलकर सीएमओ की लापरवाही बताया। कुल मिलाकर प्रेस वार्ता सीएमओ की कार्यप्रणाली के खिलाफ की गई थी। नगर पालिका अध्यक्ष का कहना था इस जमीन का किराया अभी 2 करोड रूपए बाकी है ओर सीएमओ ने इस रकम वसूली का अभी तक नोटिस नही दिया है। यह एक गंभीर लापरवाही है।
इस मामले मे अपने राम का कहना है कि सीएमओ की कार्यप्रणाली के कारण गांधी पेट्रोल पंप के संचालक समीर गांधी को समय मिल गया है। अब देखना यह है कि इस मामले मे सुप्रीम कोर्ट का क्या निर्णय आता है वही इस प्रेसवार्ता से यह भी माना जा रहा है सीएमओ नगर पालिका अध्यक्ष को वजन नही दे रहे है और अब नगर पालिका अध्यक्ष और चौथे सीएमओ के बीच शीत युद्ध शुरू हो चुका है। कुल मिलाकर जानकारो का कहना है कि गांधी पेट्रोल पंप अभी चलेगा क्यो कि गांधी चल गए है।
वहीं पेट्रोल पंप संचालक समीर गांधी ने कहा कि मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। नगर पालिका की ओर से केविएट भी लगाई गई है और अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है। उनका कहना है कि अब मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए सभी पक्षों को कानून के दायरे में रहकर ही कार्रवाई करनी चाहिए।

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