शिवपुरी। एक माह के नवजात बच्चे का चेकअप कराने करैरा से शिवपुरी आए परिवार को अस्पताल से घर लौटने के लिए 108 एंबुलेंस का करीब पांच घंटे इंतजार करना पड़ा। परिजन का आरोप है कि एंबुलेंस मिलने के बाद चालक ने करैरा तक छोड़ने के लिए 1400 रुपए मांगे।
पैसे देने में असमर्थता जताने पर चालक ने महिला, नवजात बच्चे और उसके परिजनों को रास्ते में उतार दिया और एंबुलेंस लेकर चला गया। इसके बाद परिवार ने 108 और 181 पर शिकायत की। शिकायत के कई घंटे बाद शाम करीब 5 बजे दूसरी एंबुलेंस पहुंची, तब परिवार नवजात को लेकर करैरा रवाना हो सका।
करैरा निवासी दिनेश कुशवाह अपनी पत्नी सविता कुशवाह, बहन रुबी कुशवाह और चाची सास के साथ एक माह पहले जन्मे बेटे का चेकअप कराने सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल पहुंचे थे। चेकअप के बाद दोपहर करीब 12 बजे उन्होंने घर लौटने के लिए 108 एंबुलेंस सेवा पर फोन किया। परिजन के मुताबिक, उन्हें बताया गया कि फिलहाल एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है और इंतजार करना होगा।
अस्पताल परिसर में तीन एंबुलेंस दिखीं, फिर भी नहीं मिली सुविधा
दिनेश के अनुसार, कुछ देर बाद उन्होंने अस्पताल परिसर में ही तीन 108 एंबुलेंस खड़ी देखीं। उन्होंने दोबारा 108 पर फोन कर इसकी जानकारी दी। फोन पर मौजूद महिला कर्मचारी ने एंबुलेंस चालक से बात कराने को कहा। दिनेश का आरोप है कि चालक ने कहा कि वह किसी मरीज को लेने आया है और इसके बाद फोन काट दिया। कुछ देर बाद चालक एंबुलेंस को खाली लेकर अस्पताल परिसर से निकल गया।
1400 रुपए की मांग का आरोप, आपत्ति पर 800 में छोड़ने की बात
परिजन का आरोप है कि इसके बाद दूसरी 108 एंबुलेंस के चालक से उनकी बात हुई। चालक ने करैरा तक छोड़ने के लिए 1400 रुपए मांगे। दिनेश ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर 800 रुपए में ले जाने की बात कही गई। नवजात और परिवार की मजबूरी को देखते हुए उन्होंने जाने की सहमति दे दी।
हालांकि, रास्ते में ही परिवार को उतार दिए जाने का आरोप है। दिनेश के मुताबिक, उन्होंने करैरा पहुंचने के बाद भुगतान करने की बात कही थी, लेकिन चालक ने उनकी पत्नी, नवजात बच्चे और अन्य परिजनों को रास्ते में उतार दिया और एंबुलेंस लेकर चला गया। इसके बाद परिवार को सड़क किनारे नवजात को लेकर इंतजार करना पड़ा।
शिकायत के बाद शाम को पहुंची एंबुलेंस
दिनेश ने मामले की शिकायत 108 सेवा पर की। उनका कहना है कि उन्होंने 181 पर भी शिकायत करने की बात कही। शिकायत के बाद करीब 4:15 बजे एंबुलेंस आने का मैसेज मिला और शाम करीब 5 बजे एंबुलेंस पहुंची। इसके बाद परिवार नवजात को लेकर करैरा के लिए रवाना हुआ।
नंबर प्लेट हटाई होने का भी दावा
परिजन ने जिला अस्पताल परिसर में खड़ी 108 एंबुलेंस की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में एंबुलेंस मौजूद होने के बावजूद जरूरतमंद मरीजों को समय पर सुविधा नहीं मिलती। एक 108 एंबुलेंस की आगे की नंबर प्लेट भी हटाई गई होने का दावा किया गया है। इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
सीएमएचओ बोले- शिकायत मिलते ही कार्रवाई होगी
सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषिश्वर ने कहा कि पूर्व में मिली शिकायतों पर संबंधित एजेंसी को पत्र भेजकर जुर्माने की कार्रवाई कराई गई है। इस मामले में भी शिकायत प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को पत्र भेजकर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई कराई जाएगी।

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