शिवपुरी। जिले की तहसील शिवपुरी के ग्राम कांकर में करीब 100 बीघा चरनोई शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर खेती किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के कुछ राजनैतिक एंव प्रभावशाली लोगों ने चरनोई भूमि के अलग-अलग हिस्सों पर कब्जा कर खेती शुरू कर दी है, जिससे गांव के पशुपालकों को अपने मवेशियों को चराने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस संबंध में ग्राम कांकर के समस्त ग्रामवासियों की ओर से 29 सितंबर 2026 को एसडीएम शिवपुरी को आवेदन देकर मौके का निरीक्षण कराने और चरनोई भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि अतिक्रमण के कारण गांव में उपलब्ध चराई की भूमि लगातार कम हो रही है।
सर्वे नंबरों पर भी जताई आपत्ति
आवेदन में ग्रामीणों ने सर्वे नंबर 189, 167, 17, 13, 7 और 190 सहित अन्य भूमि पर अतिक्रमण कर खेती किए जाने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित भूमि की राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और यदि शासकीय चरनोई भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
तहसीलदार ने पटवारी को सौंपी जांच
ग्रामीणों ने इस मामले को लेकर तहसीलदार शिवपुरी और जिला कलेक्टर को भी आवेदन दिया है। बताया गया है कि तहसीलदार द्वारा मामले की जांच के लिए संबंधित हल्का पटवारी को निर्देशित किया गया है। अब ग्रामीणों की नजर राजस्व अमले की जांच रिपोर्ट और मौके की स्थिति पर है।
ग्रामीणों ने की अतिक्रमण हटाने की मांग
ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि राजस्व टीम गठित कर ग्राम कांकर की चरनोई भूमि का मौका मुआयना एवं सीमांकन कराया जाए। यदि जांच में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो अतिक्रमण हटाकर संबंधित लोगों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि जब वे कथित कब्जाधारियों से अतिक्रमण हटाने की बात करते हैं तो विवाद की स्थिति बनती है। इसी कारण ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले में आवश्यक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग भी की है। अब देखना यह है कि पटवारी स्तर पर होने वाली जांच में ग्राम कांकर के बताए गए सर्वे नंबरों की राजस्व स्थिति और मौके पर वास्तविक कब्जे की क्या स्थिति सामने आती है।

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