शिवपुरी। साइबर ठग अब सिर्फ एक व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके भरोसे पूरे दोस्ती के नेटवर्क को भी अपना शिकार बना रहे हैं। शिवपुरी के उदय प्रताप सिंह तोमर के साथ ऐसा ही मामला सामने आया है। टेलीग्राम पर अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगों ने पहले उन्हें Zengo नाम के मोबाइल एप पर पंजीकरण कराया। शुरुआत में छोटी-छोटी रकम खाते में वापस भेजकर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद लगातार निवेश कराने लगे।
जब उदय ने अपने चार दोस्तों से भी रुपये ट्रांसफर करा दिए, तब ठगों ने कुल 8 लाख 14 हजार 667 रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद आईडी फ्रीज कर करीब 6 लाख रुपये और जमा करने का दबाव बनाया। तभी पीड़ित को एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो चुका है।
शिवपुरी सिटी कोतवाली सीमा मे आने वाली माधव नगर निवासी उदय प्रताप सिंह तोमर उम्र 27 साल पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 22 जुलाई को टेलीग्राम पर खुद को Zengo कंपनी का प्रतिनिधि बताने वाले लोगों ने संपर्क किया। उन्होंने कम समय में अधिक कमाई का झांसा दिया और मोबाइल एप पर आईडी बनवाकर अलग-अलग खातों और यूपीआई आईडी पर पैसे ट्रांसफर कराना शुरू कर दिया।
पहले खुद लगाए 4.75 लाख रुपये
उदय तोमर ने 22 से 24 जुलाई के बीच अपने एसबीआई खाते से अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर 2 लाख 75 हजार 780 रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा एक अन्य एसबीआई खाते में 1 लाख 99 हजार 999 रुपये नगद जमा कराए। इस तरह उदय ने स्वयं कुल 4 लाख 75 हजार 779 रुपये निवेश किए।
फिर चार दोस्तों को भी झांसे में लिया
ठगों के झांसे में आने के बाद उदय ने अपने चार दोस्तों से भी रकम ट्रांसफर कराई। सभी ने अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर रुपये भेजे।
बीरबल रजक ने कुल 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
अनुज शर्मा ने 50 हजार रुपये ट्रांसफर किए।
तुषार जैन ने 88 हजार 888 रुपये ट्रांसफर किए।
पीयूष जैन ने 1 लाख रुपये ट्रांसफर किए।
इस तरह दोस्तों से कुल 3 लाख 38 हजार 888 रुपये ट्रांसफर कराए गए।
पांच लोगों से ऐंठ लिए 8.14 लाख रुपये
उदय तोमर और उनके चार दोस्तों से तीन दिन के भीतर कुल 8 लाख 14 हजार 667 रुपये अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी पर ट्रांसफर करा लिए गए। ठगों ने बीच-बीच में छोटी-छोटी रकम वापस भेजकर विश्वास बनाए रखा, ताकि किसी को शक न हो।
आईडी फ्रीज कर मांगे 6 लाख रुपये और
जब ठगों को लगा कि अब पर्याप्त रकम निकल चुकी है, तो उन्होंने अचानक उदय की आईडी फ्रीज कर दी। इसके बाद संदेश भेजकर करीब 6 लाख रुपये और जमा करने की मांग की गई। इसी दौरान उदय को ठगी का संदेह हुआ। उन्होंने परिजनों को पूरी जानकारी दी और उनकी सलाह पर कोतवाली थाने पहुंचकर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शुरू की जांच
कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब जिन बैंक खातों और यूपीआई आईडी में रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी जानकारी जुटा रही है। साथ ही साइबर सेल की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि टेलीग्राम, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर मिलने वाले अधिक मुनाफे और निवेश के ऐसे किसी भी प्रस्ताव पर बिना जांच-पड़ताल विश्वास न करें।
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