शिवपुरी। आपके बच्चो को सुनहरे भविष्य का दावा करने वाले शिवपुरी के ब्रांड स्कूल अपने विज्ञापनों में बडे बडे दावा करते है लेकिन शिवपुरी की सडको पर उनकी कलई खुल जाती है। वर्तमान समय में शिवपुरी शहर मे स्कूल बस चेकिंग अभियान जारी है बीते मंगलवार को यातायात विभाग ने ऐसी स्कूल की बस पकडी जिसके आगे के पहिए की रिम के दो नट टूटू थे। सीधे शब्दों में लिखे तो टायर के पहिए को 6 नटो पर कसा जाता है लेकिन इस स्कूल की बस के पहिए को चार नटो पर कसा था वह इसलिए की 2 नट टूटे थे उस पर नट नही कस सकते थे। वही इसी स्कूली की बसो के पहियो से रबर गायब थी,कुल मिलाकर कडंम खटारा बस मे आपके परिवार के बेटा और बेटी मौत भरा सफर कर रहे थे।
प्रदेशभर में चल रहे 10 दिवसीय स्कूल बस चेकिंग अभियान के तहत यातायात थाना प्रभारी रणवीर यादव और आरटीओ रंजना सिंह भदौरिया के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने जिले में स्कूल बसों और विद्यार्थियों को लाने-ले जाने वाले वाहनों का निरीक्षण किया। अभियान का उद्देश्य बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और स्कूल वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन कराना है। मंगलवार को टीम ने 12 स्कूल बसों और अन्य स्कूल वाहनों की जांच की। इनमें 6 वाहनों में विभिन्न प्रकार की कमियां मिलने पर चालानी कार्रवाई की गई और कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। "हर तीन में से एक स्कूल बस नियमों का उल्लंघन करती मिली। चार दिनों में 104 बसों की जांच में 34 बसों पर कार्रवाई की गई, जो कुल जांची गई बसों का लगभग 33 प्रतिशत है।"
हैप्पी डेज स्कूल की बस के पहिए के नट टूटे मिले
शिवपुरी शहर के ब्लाइंड स्कूल में अपना स्थान रखने वाला हैप्पी डेज स्कूल की बस की चेकिंग के दौरान बस के आगे के पहिए के 6 मे से 2 नट टूटे मिले,वही इस बस के टायर के स्वास्थ्य पर भी सवाल उठाया गया,इस बस के टायर पर से रबर गायब थी। नट टूटे होने के कारण बस का पहिया कभी भी साथ छोड सकता था एक बड़े हादसे को आमंत्रित करते हुए यह बस बच्चो की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही थी।
स्पीड गवर्नर, बीमा और वाइपर में भी मिली खामियां
निरीक्षण के दौरान कई बसों में सुरक्षा संबंधी जरूरी उपकरण या तो अनुपस्थित मिले या खराब हालत में पाए गए। कुछ वाहनों में स्पीड गवर्नर नहीं था, तो कुछ में इंडिकेटर खराब,बीमा दस्तावेज अधूरे और वाइपर खराब मिले। एक वाहन चालक बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाते मिला, जिस पर भी नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई।
15 साल पुरानी बस पर भी कार्रवाई
जांच के दौरान एक 15 वर्ष पुरानी स्कूल बस भी संचालित होती मिली। नियमों के अनुसार उसकी फिटनेस पर सवाल उठने के बाद मामले को **फिटनेस प्रमाण-पत्र निरस्त करने के लिए आरटीओ कार्यालय भेज दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई परिवहन विभाग करेगा।
चार दिन में 104 बसों की जांच, 34 पर कार्रवाई
अभियान के पहले चार दिनों में संयुक्त टीम ने जिलेभर में 104 स्कूल बसों और स्कूल वाहनों का निरीक्षण** किया। इनमें 34 वाहनों में सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की गई और कुल 1 लाख 8 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। इस इस आंकड़े को स्कूली गणित से लीखे तो 33 प्रतिशत बस में खराबी निकली और वह कानून का उल्लंघन कर रही थी इसलिए इन पर कार्यवाही की गई।
33 प्रतिशत का आंकड़ा,पेरेंट्स भी चेक करे बस
104 बस में से 34 बसे नियम तोड़ रही थी। छोटे बच्चों के पेरेंट्स अपने बच्चो को बसो तक छोड़ने जाते है,पेरेंट्स भी अब बसों को अपने स्तर पर चेक करें,कूम से कम टायर तो देख ही ले,क्योकि इस बस मे आपका सपनो का लाल और आपका लाडला अपना सुनहरा भविष्य बनाने के लिए सफर कर रहा है। बस मे गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूल को सूचित करें अगर स्कूल प्रबंधन नही माने तो यातायात पुलिस को बस के फोटो वीडियो सेंड कर दे यह आपका हक और अधिकार है आप उस का किराया बस संचालक या स्कूल संचालक को देते है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान अगले दिनों में भी जारी रहेगा। जिन स्कूलों और वाहन संचालकों द्वारा सुरक्षा नियमों की अनदेखी की जाएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से भी अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता न करें और सभी स्कूल वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप ही संचालित करें।

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