कोलारस। घर से बिना बताए निकला 42 वर्षीय ग्रामीण दस दिन तक लापता रहा। परिवार को उम्मीद थी कि वह पहले की तरह कुछ दिनों बाद लौट आएगा, लेकिन इस बार इंतजार मातम में बदल गया। कोलारस थाना क्षेत्र के सुनाज गांव निवासी भूरा पाल का शव जोरा की रईया के जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शव की हालत देखकर आशंका जताई जा रही है कि मौत के बाद जंगली जानवरों ने उसे कई जगह से नोच डाला। अब पुलिस और वन विभाग पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिससे इस रहस्यमयी मौत की असली वजह सामने आ सके।
जंगल में शव मिलने से मचा हड़कंप
कोलारस थाना क्षेत्र के सुनाज गांव निवासी 42 वर्षीय भूरा पाल 6 जुलाई से लापता था। बुधवार को जोरा की रईया के जंगल में उसका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस, वन विभाग और परिजन मौके पर पहुंचे।
बकरी चराने गए ग्रामीणों ने देखा शव
बुधवार सुबह जंगल में बकरी चराने गए कुछ ग्रामीणों की नजर एक शव पर पड़ी। उन्होंने तत्काल गांव के कोटवार और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे परिजनों ने शव की पहचान भूरा पाल के रूप में की। परिजनों के मुताबिक, शव को जंगली जानवर कई स्थानों से नोच चुके थे, जिससे उसकी हालत काफी खराब हो चुकी थी।
पहले भी कई बार घर छोड़कर चला जाता था
मृतक के भाई बलवंत पाल ने बताया कि भूरा 6 जुलाई को बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। परिवार ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। चूंकि वह पहले भी कई बार घर से बिना बताए चला जाता था और कुछ दिनों बाद वापस लौट आता था, इसलिए इस बार गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
कोलारस थाना प्रभारी पुनीत वाजपेई ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया गया है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि भूरा पाल की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उसकी मौत का वास्तविक कारण क्या था।

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