नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर थान सीमा मे आने वाले मौजपुर गांव मे निवास करने वाली एक 25 साल की विवाहिता की प्यार ही प्रताडना बन गया,प्यार से प्रताडित होकर विवाहिता ने जहर निगल लिया। विवाहिता को गंभीर हालत में जिला अस्पातल मे भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि विवाहिता का अफेयर पति के अतिरिक्त एक युवक से चल रहा था इस कारण पति ने छोड दिया। जब वह प्रेमी के पास पहुंची तो प्रेमी ने मुंह मोड लिया,इससे दुखी होकर उसने जहर का सेवन कर लिया।
प्यार की खातिर पति को छोड़ा, 2 साल से थी लिव-इन में
जानकारी के अनुसार, ग्राम मौजपुर की रहने वाली बबीता कुशवाह पुत्री भगवान सिंह कुशवाह की शादी हो चुकी थी। लेकिन उसका दिल गांव के ही भूपेंद्र कुशवाह पुत्र रणबीर कुशवाह पर आ गया। अपने इस नए प्यार की खातिर बबीता ने एक बड़ा कदम उठाया और अपने पति का घर छोड़ दिया। पिछले 2 सालों से वह समाज की परवाह किए बिना भूपेंद्र के साथ लिव-इन रिलेशनशिप (Live-in Relationship) में रह रही थी। शुरुआत में सब कुछ ठीक रहा, लेकिन धीरे-धीरे इस रिश्ते में खटास आने लगी।
जब प्यार बन गया प्रताड़ना, मारपीट कर घर से निकाला
बबीता के परिजनों ने बताया कि जो भूपेंद्र कभी बबीता के साथ जीने-मरने की कसमें खाता था, उसका और उसके परिवार का व्यवहार अचानक बदल गया। करीब एक महीने पहले भूपेंद्र और उसके माता-पिता ने बबीता के साथ न सिर्फ बदसलूकी की, बल्कि उसे बुरी तरह पीटा और घर से धक्के मारकर निकाल दिया। जिस शख्स के लिए बबीता ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था, उसी ने उसे बेसहारा छोड़ दिया।
पुलिस तक पहुंचा मामला, फिर भी नहीं पिघला प्रेमी का दिल
घर से निकाले जाने के बाद बबीता ने न्याय की गुहार लगाई। उसने सीहोर थाने पहुंचकर अपने प्रेमी भूपेंद्र और उसके परिवार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया और मारपीट का केस दर्ज कर लिया। हालांकि, पुलिस केस के बावजूद भूपेंद्र के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। महिला के पिता भगवान सिंह ने बताया कि भूपेंद्र ने साफ शब्दों में बबीता को अपने साथ रखने से इनकार कर दिया।
दर-दर की ठोकर और खौफनाक कदम
एक तरफ पति का घर छूट चुका था, दूसरी तरफ प्रेमी ने भी मुंह मोड़ लिया था। इस दोहरे झटके और प्रेमी की बेवफाई से बबीता इस कदर आहत हुई कि वह डिप्रेशन में चली गई। इसी आक्रोश और निराशा में आकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
अस्पताल में जिंदगी और मौत से जंग
जहर खाने के बाद जैसे ही बबीता की हालत बिगड़ी, परिजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन में उसे नरवर के अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां वह जिंदगी और मौत के बीच झूल रही है।

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