शिवपुरी। जिले में एक नाबालिग छात्रा को फोटो के जरिए ब्लैकमेल कर शादी के लिए मजबूर करने और विरोध करने पर उसके भाई के साथ सरेआम मारपीट तथा अपहरण की धमकी देने का मामला सामने आया है। लगातार मिल रही धमकियों से डरे परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद सभी नामजद आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित रोहित राठौर, निवासी बैराड़, ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उसकी मौसेरी बहन फतेहपुर (शिवपुरी) में रहकर कक्षा 10वीं की पढ़ाई कर रही है। उसकी पहचान एक महिला के माध्यम से यशवंत राठौर से हुई थी। आरोप है कि इसी दौरान यशवंत ने छात्रा के कुछ फोटो अपने पास रख लिए और बाद में उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर शादी के लिए दबाव बनाने लगा।
धमकियों से डरी छात्रा ने छोड़ा शिवपुरी
परिजनों के अनुसार लगातार मिल रही धमकियों से घबराकर छात्रा ने शिवपुरी छोड़ दिया और बैराड़ में अपने भाई रोहित के पास आकर रहने लगी। लेकिन आरोप है कि आरोपी वहां भी पहुंच गया और भाई पर छात्रा से बात कराने का दबाव बनाने लगा।
फल के ठेले पर पहुंचकर की मारपीट
रोहित ने बताया कि 10 जुलाई की शाम करीब 4 बजे वह बैराड़ बस स्टैंड पुलिस चौकी के सामने अपने फल के ठेले पर था। तभी यशवंत राठौर, देव राठौर और तीन अन्य लोग वहां पहुंचे। आरोप है कि सभी ने उसकी बहन से बात कराने की मांग की। मना करने पर उसके साथ गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित का कहना है कि आरोपियों ने खुलेआम कहा, तेरी बहन को घर से उठा ले जाएंगे। इस धमकी के बाद पूरा परिवार दहशत में है।
महिला पर भी ब्लैकमेलिंग का आरोप
शिकायत में प्रियंका राठौर नामक महिला पर भी फोन कर छात्रा और परिवार को ब्लैकमेल करने तथा धमकाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से छात्रा पर शादी का दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
रोहित का आरोप है कि उसने घटना की शिकायत थाना बैराड़ में दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने केवल यशवंत राठौर के खिलाफ मामला दर्ज किया। जबकि आवेदन में नामजद देव राठौर, सोनू राठौर, राजेश राठौर तथा तीन अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
पीड़ित परिवार ने एसपी से मांग की है कि मामले में पॉक्सो एक्ट, आईटी एक्ट, ब्लैकमेलिंग और धमकी की गंभीर धाराएं जोड़कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, क्योंकि उनके अनुसार आरोपियों की ओर से लगातार धमकियां मिल रही हैं।

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