शिवपुरी। नाबालिग से कथित प्रेम संबंध के मामले में चर्चाओं में आए अकरम शाह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर प्रशासन उसके खिलाफ शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण हटाने और जिला बदर की कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर उसकी पत्नी निशा बानो ने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप की मांग करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को आवेदन सौंपा। उन्होंने कहा कि यदि मकान तोड़ दिया गया तो वह अपनी तीन छोटी बेटियों के साथ बेघर हो जाएंगी, जबकि वह पिछले छह महीने से अपने पति से अलग रह रही हैं और उनके कथित कृत्यों से उनका कोई संबंध नहीं है।
पति से अलग रहने का किया दावा
बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंची निशा बानो ने अपने आवेदन में बताया कि वह ग्राम सतनवाड़ा की रहने वाली हैं और पिछले करीब छह माह से पति अकरम शाह से अलग रह रही हैं। उनका कहना है कि पति का व्यवहार लंबे समय से ठीक नहीं था और वह पहले भी उसके अन्य महिलाओं से संबंध होने की शिकायत कर चुकी हैं। उन्होंने प्रशासन को बताया कि पति के खिलाफ जो भी आपराधिक या अन्य कार्रवाई चल रही है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। इसलिए कार्रवाई करते समय उनके और उनकी बेटियों के भविष्य को भी ध्यान में रखा जाए।
तीन बेटियों के साथ कहां जाऊंगी
निशा बानो ने आवेदन में कहा कि वर्तमान में वह अपनी तीन छोटी बेटियों के साथ उसी मकान में रह रही हैं। पति न तो उनका भरण-पोषण करता है और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता देता है। यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत मकान तोड़ देता है, तो उनके पास रहने के लिए कोई दूसरा ठिकाना नहीं बचेगा। उन्होंने कलेक्टर से अनुरोध किया कि उनके परिवार की स्थिति को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाया जाए और मकान तोड़ने की कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
नाबालिग प्रकरण के बाद सुर्खियों में आया था मामला
अकरम शाह उस समय जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया था, जब उसकी पत्नी और एक नाबालिग लड़की की मां ने उसे शिवपुरी की एक लॉज से पकड़ लिया था। उस दौरान मौके पर उसकी पिटाई भी हुई थी। बाद में मामला पुलिस तक पहुंचा और नाबालिग से कथित संबंधों को लेकर पूरे जिले में यह मामला काफी चर्चित रहा।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी
नाबालिग प्रकरण के बाद प्रशासन ने अकरम शाह के खिलाफ शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में भी कार्रवाई शुरू कर दी। राजस्व विभाग ने मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 की धारा-248** के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में शासकीय भूमि से बेदखली, जुर्माना और अन्य वैधानिक कार्रवाई का उल्लेख किया गया है। सतनवाड़ा तहसीलदार कल्पना शर्मा के अनुसार, अकरम शाह 7 जुलाई को न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख चुका है। उसके जवाब और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।
जिला बदर की प्रक्रिया भी जारी
प्रशासन ने अकरम शाह के खिलाफ जिला बदर की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है। संबंधित फाइल प्रक्रिया में है और सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एक ओर प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई कर रहा है, तो दूसरी ओर पत्नी ने अपने और अपनी तीन बेटियों के सिर से छत न छीनने की अपील कर मामले को मानवीय पहलू से देखने की मांग की है।

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