बदरवास। शिवपुरी जिले के बदरवास क्षेत्र में बिजली तार चोरी करने वाले गिरोह ने ऐसी खतरनाक ट्रिक अपना रखी थी, जिसे सुनकर बिजली विभाग के कर्मचारी भी हैरान रह गए। यह गिरोह सीधे 33 केवी हाईटेंशन लाइन को निशाना बनाता था, जिस पर मामूली चूक भी इंसान की जान ले सकती है। चोर पहले 33 केवी लाइन पर रस्सी डालकर सप्लाई ट्रिप कराते थे, ताकि इलाके की बिजली बंद हो जाए। इसके बाद अंधेरे और ब्लैकआउट का फायदा उठाकर पास की 11 केवी लाइन के खंभे तोड़ते और बिजली के तार काटकर वाहन में भरकर फरार हो जाते थे।
बुधवार देर रात बदरवास वितरण केंद्र के कर्मचारियों ने इसी खतरनाक चोरी गैंग का भंडाफोड़ किया। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर अधिकांश आरोपी भाग निकले, लेकिन एक आरोपी को विभागीय कर्मचारियों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
ऐसे खुली चोरी की पूरी साजिश
घटना बुधवार रात करीब 12:15 बजे की है। बदरवास वितरण केंद्र अंतर्गत 11 केवी अगरा आबादी फीडर अचानक बार-बार ट्रिप होने लगा। शुरुआत में कर्मचारियों को तकनीकी फॉल्ट का शक हुआ। इसके बाद जेई मनोज यादव, संविदा लाइन परिचारक जयपाल कुशवाह, लाइनमैन रामकुमार शर्मा, धर्मवीर यादव और अमन राजपूत की टीम फॉल्ट तलाशने के लिए कुम्हरौआचूर से नैनागिर की ओर निकली।
सर्चिंग के दौरान घाटी क्षेत्र में जो नजारा मिला, उसने पूरी टीम को चौंका दिया। 33 केवी लाइन पर रस्सी फेंककर सप्लाई बाधित की गई थी, जबकि कुछ दूरी पर 11 केवी लाइन के तीन सीमेंट पोल जमीन पर टूटे पड़े थे। वहीं बिजली के तार काटकर उतारे जा रहे थे।
मौत को मात देकर करते थे चोरी
बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि 33 केवी लाइन के पास पहुंचना ही बेहद खतरनाक होता है। इतनी हाई वोल्टेज लाइन के आसपास मामूली गलती भी इंसान को मौके पर मौत के मुंह में धकेल सकती है। इसके बावजूद गिरोह पूरी प्लानिंग से वारदात को अंजाम देता था।
बताया जा रहा है कि चोर पहले रस्सी या अन्य सामग्री लाइन पर डालकर फीडर ट्रिप कराते थे। बिजली बंद होते ही वे सुनसान इलाकों में खंभों को गिराकर तार काटते और लोडिंग वाहन में भर लेते थे। इससे विभाग को लाखों रुपए का नुकसान होता था और कई गांवों की बिजली घंटों बंद रहती थी।
मौके पर पकड़ा गया आरोपी
मौके पर विभागीय कर्मचारियों ने एक व्यक्ति को तार काटते हुए पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुरेश भील पुत्र खुमान भील निवासी धनबाड़ा, करहाल जिला श्योपुर बताया।
घटनास्थल पर खड़ी लोडिंग कैंपर क्रमांक एमपी 33 जी 1973 से चोरी किया गया बिजली तार और तीन इंसुलेटर बरामद किए गए। विभागीय कर्मचारियों ने आरोपी को वाहन सहित पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब फरार साथियों की तलाश कर रही है।
एक साल में 2 करोड़ से ज्यादा का नुकसान
बदरवास क्षेत्र में बिजली तार चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार बीते एक वर्ष में 33 केवी और 11 केवी लाइनों से बड़े पैमाने पर तार चोरी हुए हैं, जिससे बिजली कंपनी को करीब दो करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है।
चोरों ने कई जगह खंभे तोड़कर हजारों मीटर तार गायब किए
28 जुलाई 2025 को आगरा उपकेंद्र क्षेत्र में 25 पोल तोड़कर 1400 मीटर तार चोरी हुआ।
2 नवंबर 2025 को सुमेला पंप फीडर से 840 मीटर तार चोरी किया गया।
13 नवंबर 2025 को श्रीपुर आबादी फीडर और बारई पंप फीडर से तार और इंसुलेटर चोरी हुए।
26 नवंबर 2025 को मांगरौल पंप फीडर और पचावली क्षेत्र में बड़ी चोरी हुई।
अप्रैल और मई 2026 में भी कई स्थानों पर खंभे तोड़कर तार चोरी की घटनाएं सामने आईं।
हाल ही में ग्राम ऐजवारा के पास चोर 14 खंभों के 15 स्पान के तीनों तार काटकर ले गए और 5 पोल तोड़ दिए। अलग-अलग घटनाओं में कुल 26 खंभों के 28 स्पान का तार चोरी हुआ, जिससे आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
विभाग और पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
लगातार हो रही इन वारदातों ने बिजली विभाग और पुलिस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चोरी की घटनाओं में संगठित गिरोह सक्रिय है, जो सुनसान इलाकों को निशाना बनाकर योजनाबद्ध तरीके से वारदात करता है। अब पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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