नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर नगर परिषद नरवर के वार्ड क्रमांक 10 के पार्षद पति मानवेंद्र सिंह सोलंकी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर नरवर नगर परिषद अध्यक्ष के पति सदिंप माहेश्वरी को आड़े हाथों लिया और उन्हें सीधे तौर पर खुली चुनौती दे डाली। सोलंकी ने तीखे लहजे में कहा कि यदि अध्यक्ष पति सच्चे हैं और उनमें हिम्मत है, तो वे बंद कमरों के बजाय बीच चौराहे पर आकर जनता के सामने उनसे सीधे बहस करें। सोलंकी ने आरोप लगाया कि अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए नगर के वास्तविक और बुनियादी मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद नरवर की स्थानीय राजनीति में भूचाल आ गया है।
अस्पताल, थाने से लेकर नाला निर्माण तक भ्रष्टाचार की शुरुआत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मानवेंद्र सिंह सोलंकी ने भ्रष्टाचार की पूरी क्रोनोलॉजी (क्रम) सामने रखी। उन्होंने कहा कि नरवर परिषद में भ्रष्टाचार की शुरुआत ही अस्पताल से लेकर थाने तक के घालमेल से हुई। इसके बाद जो नाला निर्माण कार्य कराया गया, वह इतना घटिया और गुणवत्ताहीन था कि उसके खिलाफ क्षेत्रीय विधायक रमेश खटीक को विधानसभा में आवाज उठानी पड़ी। विधायक जी के निवेदन पर इस नाला निर्माण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी, जो वर्तमान में अभी भी जारी है।
दूध के धुले हैं तो खाएं कसम पार्टनरशिप और कमीशनखोरी के गंभीर आरोप
पार्षद पति सौलंकी ने अध्यक्ष पति पर ठेकेदारों के साथ मिलकर सिंडिकेट चलाने का सनसनीखेज आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को पाक-साफ बता रहे हैं, वे जरा कसम खाकर कहें कि उनकी नाले, सड़क और टैंकर डलवाने जैसे कामों में कोई हिस्सेदारी नहीं है।
सोलंकी का आरोप है कि अध्यक्ष पति संदीप माहेश्वरी हर सरकारी काम में ठेकेदारों के पार्टनर बन जाते हैं, उनसे मोटा कमीशन वसूलते हैं और बात न मानने पर उन पर बेवजह दबाव बनाकर परेशान करते हैं। उन्होंने फिजूलखर्ची पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज नरवर को कमर्शियल कॉम्प्लेक्स की नहीं, बल्कि वार्डों की बदहाल सड़कों को सुधारने की जरूरत थी। कॉम्पलेक्स की जगह अगर वार्डों में विकास कराया जाता तो जनता को लाभ मिलता।
वार्डों में गंदगी का अंबार, सच बोलने पर व्हाट्सएप ग्रुप से किया रिमूव
वार्ड नंबर 1 सहित अन्य क्षेत्रों का हवाला देते हुए सोलंकी ने कहा कि आज आप किसी भी वार्ड में चले जाइए, चारों तरफ गंदगी और दुरावस्था का माहौल है। विकास के दावों की कलई खोलते हुए उन्होंने बताया कि मैंने नगर के विकास और समस्याओं पर चर्चा के लिए एक आधिकारिक सोशल मीडिया ग्रुप बनाने की बात कही थी। लेकिन तानाशाही का आलम यह है कि जो भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि उस ग्रुप में विकास की जायज बात करता है या कमियां उजागर करता है, उसे तुरंत ग्रुप से रिमूव कर दिया जाता है। नरवर परिषद के सारे विकास कार्य केवल और केवल कागजों तक ही सीमित हैं, धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आता।
महापुरुषों के अपमान और उपेक्षा का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में मानवेंद्र सिंह सोलंकी ने भावुक और आक्रामक होते हुए कहा कि उन्होंने पूरी परिषद के सामने नरवर की खाली पड़ी जमीनों पर सुंदर पार्क विकसित करने का प्रस्ताव रखा था। इन पार्कों में लोकमाता अहिल्याबाई होलकर और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की धर्मपत्नी माता रमाबाई जैसी महान विभूतियों की प्रतिमाएं लगाने की मांग की गई थी। लेकिन परिषद के नीति-निर्धारकों ने इस जनहित और सम्मान से जुड़े मुद्दे पर भी कोई सुनवाई नहीं की।

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