शिवपुरी। जिले के इंदार थाना क्षेत्र अंतर्गत बिज़रौनी गांव में गुरुवार को गेहूं की नरवाई जलाना ग्रामीणों पर भारी पड़ गया। दोपहर के वक्त खेत से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते भीषण आग का रूप धारण कर लिया, जिसकी चपेट में आने से गांव का करीब 300 साल पुराना ऐतिहासिक इमली का पेड़ जलकर नष्ट हो गया। आग इतनी भीषण थी कि जलते हुए पेड़ों के गिरने से बिजली के तीन खंभे भी टूट गए, जिससे पूरे क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। पुलिस, प्रशासन और तीन दमकल गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से करीब 11 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात 2 बजे आग पर नियंत्रण पाया।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिज़रौनी गांव में गुरुवार दोपहर लगभग 3 बजे नरवाई में आग लगी थी। देखते ही देखते आग तेजी से फैली और आसपास के क्षेत्रों को अपनी चपेट में ले लिया। यह आग गेहूं की नरवाई जलाने के कारण फैली बताई जा रही है। इसने गांव के समीप खड़े कई पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसमें लगभग 200 से 300 साल पुराना एक विशाल इमली का पेड़ भी शामिल था। आग के कारण कई पेड़ों को भारी क्षति पहुंची। एक पेड़ के गिरने से बिजली के तीन खंभे टूट गए, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।
तीन दमकल गाड़ियां आग बुझाने पहुंची
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक दल मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए तीन दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया। ग्रामीणों ने भी आग बुझाने में सहयोग किया। इन संयुक्त प्रयासों के बाद देर रात करीब 2 बजे आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया।
आग लगने के दौरान गांव में दहशत का माहौल था। ग्रामीणों को आशंका थी कि आग कहीं रिहायशी इलाकों तक न फैल जाए। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे को टाला जा सका।
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