शिवपुरी। प्रदेश सरकार ने शहीद पुलिस, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) कर्मियों के परिवारों को सम्मान और सहारा देने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के परिपालन में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के प्रत्येक पाठ्यक्रम में शहीद कर्मियों की विधवाओं और उनके आश्रित बच्चों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित करने के निर्देश जारी किए हैं।
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह सीट “सुपरन्यूमेरेरी सीट” के रूप में होगी, यानी यह सीट नियमित स्वीकृत सीटों से अलग होगी। इससे सामान्य विद्यार्थियों की सीटों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सरकार के इस निर्णय को शहीद परिवारों के सम्मान और उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक यह सुविधा उन परिवारों को मिलेगी जिनके सदस्य पुलिस, होमगार्ड या सिविल डिफेंस में सेवा के दौरान शहीद हुए हैं। पात्र अभ्यर्थियों को इसका लाभ लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी, गृह विभाग अथवा संबंधित विभाग द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
उच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देशित किया गया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान इस श्रेणी के लिए अलग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पात्र विद्यार्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पृथक श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करना होगा।
शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह निर्णय उन परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित होगा जिन्होंने देश और समाज की सुरक्षा में अपने परिजनों को खोया है। इससे शहीदों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी और सरकार के प्रति सम्मान की भावना भी मजबूत होगी।

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