नरवर। शिवपुरी जिले के नरवर के सतनबाड़ा वन परिक्षेत्र में खैर और सागौन की अवैध कटाई का बड़ा मामला सामने आया है। सिंध नदी में अवैध रास्ता बनाकर लकड़ी तस्करी किए जाने के खुलासे के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला तब उजागर हुआ जब हमारा संवाददाता मौके पर पहुंचा और जंगल क्षेत्र में ताजा कटे खैर और सागौन के ठूंठ कैमरे में कैद किए।
जानकारी के अनुसार सतनबाड़ा रेंज के धमकन बीट और ऐरावन-कल्याणपुर क्षेत्र के जंगलों में लंबे समय से अवैध कटाई का खेल चल रहा था। हाल ही में दतिया में खैर की लकड़ी के साथ पकड़े गए तस्कर अनूप यादव की लोकेशन भी इसी इलाके में मिली थी। बताया जा रहा है कि तस्कर सिंध नदी के बीच अस्थायी रास्ता बनाकर ट्रकों से लकड़ी पार करा रहे थे। सूत्रों के अनुसार खैर की लकड़ी से भरे तीन ट्रक निकालने की तैयारी थी, लेकिन वन विभाग की हलचल के बाद तस्कर एक ट्रक खैर, और सागौन के कटे पेड़ छोड़कर फरार हो गए।
जब हमारा संवाददाता मौके पर पहुंचा तो रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 540 सहित कई स्थानों पर हरे-भरे खैर और सागौन के पेड़ कटे मिले। ताजा ठूंठ और ट्रकों के रास्तों के निशान यह साबित कर रहे थे कि जंगल में बड़े स्तर पर अवैध कटाई हुई है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतने बड़े स्तर पर जंगल कटते रहे और वन विभाग को इसकी भनक तक कैसे नहीं लगी।
वहीं प्रभारी रेंजर श्रुति राठौर ने मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जबकि डिप्टी रेंजर सुनील सेन से संपर्क नहीं हो सका। दूसरी ओर एसडीओ एफ नीरज निश्चल ने मामले की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। अब देखना होगा कि जांच केवल कागजों तक सीमित रहती है या जंगल माफियाओं पर वास्तव में कार्रवाई होती है।

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