कहां गया घसारही का पानी, अधिकारियों में विरोधाभास, सिंध से आस | Shivpuri News

शिवपुरी। सर्दियो का मौसम अभी शुरू नही हुआ है, लेकिन शहर के प्यासे कंठो की प्यास बुझाने वाला घसारही की तालाब का कंठ सुखने लगा है। बताया जा रहा है कि कुप्रबंधन के कारण घसारही के तालाब का पानी चोरी हो गया हैं। और जिम्मेदारी एक दूसरे पर मामले को फैक रहे है,और विरोधावास जबाब दे रहे है।

यह है मामला 
शहर को पानी देने वाले फिल्टर प्लांट में घसारही  से पानी आता हैं,जब घसारही में पानी कम हो जाता हैं,तो चांदपाठा तालाब से पानी घसारही में पानी छोडा जाता है,यह स्थिती तब बनती है,जब गर्मी शुरू हो जाती है। लेकिन अभी गर्मी तो छोडो सर्दी भी शुरू नही हुई है ओर घसारही में पानी नही बचा है।

अभी शहर को पानी पिलाने के लिए घसारही में से चांदपाठा तालाब से पानी छोडा गया हैं,अगर ऐसे ही पानी चांदपाठा तालाब से पानी लिया जाता रहा तो गर्मीयो में चांद में पानी ही रहेगा। बताया जा रहा है कि घसारही से या तो पानी चोरी हो गया,या बेस्ट बीयर के गेटो को सही ढंग से नही लगाया इस कारण पानी वह गया।

जिम्मेदार दे रहे बचकाना बयान
इस मामले में नपा सीएमओ से बातचीत की तो उन्होने कहा कि घसारही के बेस्ट बीयर में गडबडी होने की वजह से उसमें लीकेज हो गया। साथ ही किसानो द्धारा मोरी तोडी जाने की वजह से पानी निकालने की बात सुनी थी। घसारही को भरने के लिए अब चांदपाठा से पानी छोडा है,जिससे फिल्टर प्लांट से शहर को पेयजल सप्लाई कर सके। 

वही जल संसाधन विभाग के ईई ओपी गुप्ता का कहना है कि घसारही के खाली होने के पीछे बेस्ट बीयर में कोई कमी नहीं है।वहां से तीन माह शहर में सप्लाई होने की वजह से वो खाली हो गया। चांदपाठा में तो बहुत पानी है,वहां से घसारही को पानी मिल जाएगा।पार्क प्रबंधन भी काम करने से रोकटोक करता है। कुल मिलाकर पानी किस कारण बर्बाद हो गया,कोई भी अधिकारी जिम्मेदारी से जबाब नही दे रहे है। अब सिंध से आस बची है,अगर सिंध धोखा दे गई तो आप माने की बार शहर हो भयाभय जलसकंट का सामना कर पड सकता है।
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