पोहरी सीट डेंजर जोन में, प्रहृलाद भारती का विकल्प तलाश सकती है BJP

एक्सरे/ललित मुदगल/शिवपुरी। प्रदेश में आम विधानसभा चुनाव अब दरवाजे पर खड़े हैं। कांग्रेस-भाजपा के अतिरिक्त बसपा और सपा ने भी अपने चुनावी गणित लगाने शुरू कर दिए हैं। अभी एक सर्वे रिर्पोट को प्रदेश के सभी मीडिया हाऊसों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था कि प्रदेश की 47 सीट यह तय करेंगीं की कौनसी पार्टी सत्ता का सुख ले सकती हैं। भाजपा ने एक सर्वे के अनुसार जिले की पोहरी विधानसभा की सीट डेजंर जॉन में हैं। खबर आ रही हैं कि वर्तमान विधायक प्रहलाद भारती का विकल्प पार्टी द्वारा खोजा जा सकता हैं, ऐसे समीकरण बन रहे हैं, आईए इस पूरे मामले का एक्सरे करते हैं। 

प्रहलाद भारती ने रिर्काड बनाया लेकिन सीट डेंजर जॉन में 
पोहरी विधानसभा सीट से भाजपा के प्रहलाद भारती पिछले 2 बार से विधायक हैं। पोहरी की राजनीति में प्रहलाद भारती अभी तक ऐसे नेता हैं जिन्होने लगातार 2 बार जीत का रिकार्ड बनाया हैं,नही तो अभी तक यह लगातार 2 बार कोई भी विधायक का चुनाव नही जीता। सन 13 के चुनाव में विधायक प्रहलाद भारती ने अपनी निकटत्त प्रत्याशी कांग्रेस के हरिबल्लभ शुक्ला को 3625 वोटो से चुनाव हराया था। और भाजपा के सर्वे में ऐसी सीटो को डेजंर जॉन में रखा गया हैं जिनमें भाजपा का प्रत्याशी 5 हजार मतो से नीचे चुनाव जीता हैं,ऐसी सीटो पर चुनाव वितरण के समय विशेष फोकस करने की खबर लगतार आती रहती हैं। 

इस सीट के कई राजनीतिक आका
जिले की पोहरी विधानसभा सीट ग्वालियर लोक सभा सीट में आती हैं। और ग्वालियर लोकसभा सीट से सांसद है भारत सरकार के केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिह तोमर। नरेन्द्र सिंह तोमर अभी प्रदेश के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हैं। इस सीट पर शिवपुरी की विधायक और प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यधोधरा राजे का भी प्रभाव हैं। उनके भी यहां समर्थक है और विधायक प्रहलाद भारती स्वंय यशोधरा राजे के समर्थक है। यहां सगठंन के साथ-साथ नरेन्द्र सिंह तोमर,और यशोधरा राजे को भी साधना होगा। 

पोहरी विधानसभा हारे नरेन्द्र सिंह
केन्द्रीय मंत्री और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर अपना लोक सभा चुनाव तो जीते थे लेकिन पोहरी विधानसभा से चुनाव हारे,क्यो हारे-कैसे हारे यह बताने की आवश्यकता नही हैं। यह सर्वविदित हैं। पोहरी विधानसभा सीट से अगर चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने प्रहलाद भारती के टिकिट के लिए एनओसी नही दी तो प्रहलाद भारती के टिकिट पर तलवार लटक सकती है। 

यह है इस सीट का जातिगत समीरकण 
पोहरी विधानसभा एक जिले की एक ऐसी विधानसभा है जहां शुद्व रूप से जातिगत चुनाव होता है। यहां मु य रूप से धाकड और ब्राह णो की वर्चस्व की लड़ाई होती है। एक आकंडे के अनुसार लगभग 35 हजार मतदाता धाकड समाज से है, इसी तरह 20 हजार ब्राह्मण, 25 हजार कुशवाह, 40 हजार आदिवासी, 20 हजार जाटव, 8 हजार गुर्जर, 7 हजार वघेल, 7 हजार परिहार, 6 हजार वैश्य और 2 हजार के आसपास मुस्लिम मतदाता है। 

आकंडे पर गौर करे तो इस विधानसभा में सबसे ज्यादा मतदाता आदिवासी समाज से है लेकिन इस क्षेत्र में आदिवासी समाज से कोई कद्दावर नेता न होने के कारण यह सं या प्रत्याशी चयन में शून्य हो जाती है। पेाहरी विधानसभा में नरवर वेल्ट का कुछ हिस्सा जुड जाने के कारण कुशवाह समाज का मतदाता अपनी छाप छोडऩे के लिए तैयार हैं। 

यहां बिगड रहे प्रहलाद भारती के समीकरण 
इस विधानसभा से ब्राह्मण और धाकड समाज के नेता यहां से टिकिट मांगने की लॉबिंग करता है। अगर बहुजन समाज से कोई प्रत्याशी चुनाव लडता है तो 20 हजार जो जाटव वोटर है वो बहुजन की ओर खिसक जाता है। इन तीनो समाज के अतिरिक्त कोई भी समाज का नेता टिकिट के लिए लॉबिंग नही करता है। 

अगर राजनीति के वर्तमान के परिदृश्य की बात करे तो पोहरी विधानसभा में तीसरी जाति का उदय हो चुका है। इस बार यह मांग भी उठ रही है कि प्रत्याशी का चेहरा नया होना चाहिए। पोहरी विधानसभा सीट पर पिछली 2 बार से प्रहलाद भारती विधायक है। वर्तमान विधायक भी टिकिट के दावेदार है, इसके अतिरिक्त इस सीट से पूर्व विधायक नरेन्द्र बिरथरे, सोनू बिरथरे, ग्वालियर की सालौनी धाकड के अतिरिक्त कैलाश कुशवाह भी टिकिट की दौड में है। 

पोहरी की राजनीति में कैलाश कुशवाह के सक्रिय होने से तीसरी जाति का भी टिकिट की चाह में उदय हो गया है। कैलाश कुशवाह वर्तमान में शिवपुरी मंडी के उपाध्यक्ष है किसानों की हित में कई कार्य किए है। शिवपुरी विधायक ओर प्रदेश की मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के प्रबल समर्थक है। 25 हजार वोटरो में एक ही नेता होने के कारण समाज भी अब चाहता है कि इस बार हमारे समाज के किसी नेता को टिकिट मिले। और इससे पूर्व भी कुशवाह समाज की बदौलत कांग्रेस के नेता हरिबल्लभ शुक्ला समतादल से चुनाव जीत चुके है और उस समय कुशवाह समाज के वोटर कम थे। 

प्रहलाद भारती की विधानसभा से नरेन्द्र सिंह तोमर अच्छे खासे मतो से चुनाव हारे। पार्टी के गणित से यह सीट डेजंर जॉन में है। धाकड जाति में भी प्रहलाद भारती का विरोध शुरू हो गया हैं। अगर चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष की इस सीट के टिकिट वितरण में चली तो प्रहलाद भारती का टिकिट हवा हो सकता हैं। किसी भी संभावना से इंकार नही किया जा सकता हैं क्यो कि राजनीति के गणित संभावनाओ के गणित से चलते हैं। 
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1 comments:

Abhishek Vidrohi said...

बेहद उम्दा शानदार एवम विस्त्रत्व विश्लेषण, बाकई में इस बार मुकाबला बेहद पेचीदा रहने वाला है, ऐसा ही कुछ हम शिवपुरी विधानसभा के विषय मे भी आपके शब्दो को पढ़ना चाहते है। अभिषेक विद्रोही...

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