जेल में बंद इकलौते बेटे को पिता की मुखाग्नि के लिए नहीं मिल सकी बेल, दामाद ने किया अंतिम संस्कार

शिवपुरी। शहर के इंद्रा कॉलोनी में एक वृद्व की बीमारी से हुई मौत के बाद उसे मुखाग्रि दने के लिए उसका पुत्र उसके पास मौजूद नही था। तब रिश्तेदारो ने पिता के अंतिम संस्कार के लिए पुत्र को पुलिस अभिरक्षा में अंतिम संस्कार करने के लिए न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन लगाया, लेकिन जिला न्यायालय ने उक्त आवेदन को खारिज कर दिया, बताया जा रहा है कि अपील मामले में हाईकोर्ट में लंबित हैं इस कारण कैदी पुत्र को पिता का अंतिम संस्कार करने की अनुमति नही मिली तब मृतक के दामाद ने पुत्र के दायित्वो को निभाकर ससुर की मुखाग्रि देकर अंतिम संस्कार किया। 

जानकारी के अनुसार मिथुन कुशवाह तेजाब फेंकने के मामले में दस वर्ष की सजा काट रहा हैं। और उसने जिला न्यायालय के इस फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की हैं। जो हाईकोर्ट में लंबित हैं। कल मिथुन के पिता लट्टी कुशवाह का लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया। 

चूकि मिथुन मृतक का इकलौता पुत्र था। ऐसी स्थिती में परिजन अंतिम संस्कार को लेकर चिंतित हो गए। इस दौरान कुछ रिश्तेदारो ने उन्है जेलर से अंतिम संस्कार करने के लिए अपनी अभिरक्षा में अंतिम संस्कार करने की बात कही लेकिन जेलर ने कैदी को बिना न्यायालय की अनुमति के बिना शमशान भूमि तक ले जाने से इंकार कर दिया। 

इस पर परिजनों ने एडवोकेट बीडी राठौर के माध्यम से जिला न्यायालय में विशेष सत्र न्यायाधीश के समक्ष एक आवेदन प्रस्तुत किया जिसमें पुलिस अभिरक्षा में कैदी को अपने पिता की मुखाग्रि देने की अनुमति देने की मांग की थी। लेकिन उक्त मामले में हाईकोर्ट मेें अपील लंबित होने के कारण न्यायालय ने अनुमति देने से इंकार कर दिया। तब जाकर मृतक के दामाद हुकुम सिंह कुशवाह ने अपने ससुर को मुखाग्रि देकर पुत्र का दायित्व निभाया। 
Share on Google Plus

Legal Notice

Legal Notice: This is a Copyright Act protected news / article. Copying it without permission will be processed under the Copyright Act..

0 comments:

Loading...
-----------

analytics