सीवर प्रोजेक्ट: निगल गया शहर की 4 हजार सडको को, धूल ओर गड्ढे से परेशान शहर

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शिवपुरी। शहर की सडको का काल बना सीवर प्रोजेक्ट के स्वयं सफल होने का अंदेशा है। पूरे शहर की सडके इस प्रोजेक्ट के कारण शहीद हो चुकी है। इन सडको की कोई सुध नही ले रहा है। बताया जा रहा है कि शिवपुरी शहर की छोटी बडी सडको को मिलाकर करीब 4 हजार सडको का निर्माण होना है। इनके निर्माण न होने से इन सडको के गड्ढे शहर वासियो को दर्द दे रहे है। नगरपालिका और पीडब्लयूडी ने शहर की प्रमुख 45 सडक़ों में से 18 सडक़ें प्रदेश की कैबिनेट मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के लगातार प्रयासों के कारण बना दी हैं, लेकिन अभी भी 27 सडक़ें ऐसी हैं जो नपा की लापरवाही के कारण लटकी हुई हैं। इसके बावजूद भी नगरपालिका का इस  ओर कोई ध्यान नहीं है और नपा की इस लापरवाही का शहर की जनता को खामियाजा उठाना पड़ रहा है।

विदित हो कि शिवपुरी शहर सीवर खुदाई के बाद दुर्गति का शिकार हो गया है। शहर भर में जगह-जगह सडक़ें खोद दी गईं थी जिससे आए दिन लोग धूल के कारण बीमारियों की जकड़ में आ गए तो कई लोग सडक़ों पर हुए गड्डों में गिरकर घायल हो गए। 

शहर की प्रमुख सडक़ों की हालत को देखते हुए स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया ने लगातार नपा और पीडब्यलूडी पर दबाव बनाकर 45 मुख्य सडक़ों में से 18 सडक़ों का कार्य पूर्ण करा दिया है, लेकिन 27 मुख्य सडक़ों का आज भी किसी न किसी कारण के चलते कार्य शुरू नहीं हो सका है। 

जिनमें कोर्ट रोड की मुख्य सडक़ भी शामिल है जिसका ठेकेदार के कार्य न करने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है। वहीं शहर की ठंडी सडक़, विष्णु मंदिर के पीछे कॉलोनी, राजपुरा रोड़, छोटा लुहारपुरा, जल मंदिर के पीछे, गांधी कॉलोनी, फतहेपुर, कृष्णपुरम कॉलोनी, गणेश कॉलोनी, खंडेलवाल फैक्ट्री के पास सहित अनेकों छोटी-छोटी कॉलोनियां जिनमें 4000 से अधिक सडक़ें सीवर खुदाई के कारण टूट गईं हैं उनकी सुध लेने वाला तक कोई नहीं है। 

लोग कॉलोनियों की सडक़ों को बनवाने के लिए लगातार नपा से गुहार लगा रहे हैं यहां तक कि वार्डों के पार्षदों ने भी इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया है ऐसी स्थिति में शहरवासी संकट से गुजर रहे हैं। 

इनका कहना है-
सीवर खुदाई के कारण शहर की सडक़ों की दुर्गति चिंता का विषय है और शहर की जनता आए दिन परेशान हो रही है। पहले तो शहर की मुख्य सडक़ें खुदाई के कारण टूट गईं जिनका निर्माण खेलमंत्री यशोधरा राजे सिंधिया के प्रयासों से पूर्ण  हो गया है, लेकिन अभी भी कुछ सडक़ें टूटी पड़ी हैं जिनके निर्माण के लिए यशोधरा राजे सिंधिया ने बजट भी नपा को दे दिया है, लेकिन नगरपालिका के निष्क्रिय रवैये के कारण यह काम पूर्ण नहीं हो पा रहा है। नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह की निष्क्रियता के कारण ही आज शहर विनाश की ओर अग्रसर हो रहा है। 
हरिओम राठौर, नगर महामंत्री भाजपा 

45 मुख्य सडक़ों के साथ-साथ शहर में 4000 से अधिक सडक़ें बनानी हैं जिनमें से 18 सडक़ों का निर्माण पूर्ण हो गया है। शेष 27 सडक़ों में से 5 सडक़ें ठेकेदार  के कारण लटकी हुईं हैं और कुछ सडक़ों का सर्वे पूरा नहीं हुआ है ऐसी स्थिति में सडक़ों का कार्य नहीं हो पा रहा है वहीं शहर में विभिन्न कॉलोनियों में टूटी पड़ी सडक़ों का सर्वे जारी है और आने वाले एक वर्ष के अंदर-अंदर यह सडक़ें बननी शुरू हो जाएंगी। 
आरडी शर्मा, एई, नगरपालिका परिषद शिवपुरी 

शेष मुख्य 28 सडक़ों के टेंडर  हो गए हैं और जल्द ही इन पर काम शुरू हो जाएगा। वहीं कॉलोनियों की लगभग 4000 सडक़ों में से कुछ के टेंडर लग चुके हैं और कुछ के लगने वाले हैं। आने वाले समय में शहर की हर छोटी से छोटी गलियों में भी सडक़ों का जाल बिछा दिया जाएगा। जिससे आमजन को काफी राहत मिलेगी। 
अनिल शर्मा अन्नी, नपा उपाध्यक्ष, शिवपुरी 

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