सतेन्द्र उपाध्याय,शिवपुरी। अभी तक आपने नेताओ की वादे सुने होगें। पूरी की पूरी राजनीति वादो पर चलती है,लेकिन शिवपुरी में एक पार्षद तो इस्तीफे की राजनीति कर रहे है। पिछले 3 वर्षाे से गर्मीयों मेे जनता से निबटने के लिए इस्तीफा-इस्तीफा की राजनीति शुरू कर देते है।
वार्ड क्रंमाक 6 के पार्षद मनीष गर्ग मंजू ने जनता के क्रोध से बचने के लिए नई रणनीति तैयार की है। आप सोच रहे होगें कि वे अपने वार्ड में सिंध को प्रकट कर रहे है ऐसा नही है वे अपने पद से इस्तीफा दे चुके है। वकायदा इसकी सूचना अपने घर पर एक नोटिस चिपका दिया है।
इस नोटिस पर लिखा है मैं मनीष गर्ग मंजू भाजपा पार्षद वार्ड क्रमांक 6 से इस्तीफा पूर्व में कलेक्टर महोदय को दे चुका हॅु कृपया वार्ड की किसी भी समस्या के लिए नगर पालिका सीएमओ से संपर्क करे। कुल मिलाकरर पार्षद महोदय ने 3 साल पूर्व कलेक्टर राजीव चंद्र दुबे को इस्तीफा दे दिया था।
लेकिन उनका इस्तीफा मंजूर नही हुआ था। पार्षद मजूं अपना इस्तीफा देने के बाद सम्मान पूर्वक हर माह नपा से मिलने वाली वेतन ले रहे है। इतना ही नही वे नपा के हर कार्यक्रम में भी जा रहे है। लेकिन गर्मियो में जनता की पेयजल समस्या से किनारा करने के लिए इस्तीफा-इस्तीफा खेल लेते है। या यू कह लो की पार्षद महोदय गर्मियो पर अवकाश पर चले जाते है और जैसे साल भर बाद मानसून लौट आता है,वैसे ही पार्षद महोदय भी अपने काम से लौट आते है।
कुल मिलाकर इस्तीफा देने के बाद पिछले 3 साल से वेतन ले रहे है। कल तक वोटरो की चौखट पर एक-एक वोट की भीख मांगने वाले पार्षद साहब अपनी चौखट से प्यासी जनता को नोटिस की धमकी देकर वापस कर रहे है।
और अत: में यह भी की इस मामले में अपने राम का यह कहना है कि पार्षद साहब के वार्ड में टेंकर का टेंडर इनके विरोधियो का पास कर दिया है। इस कारण यह पूरी धमकी की राजनीति की जा रही है।