शिवपुरी। शिवपुरी शहर के प्राचीन सिद्धेश्वर मंदिर मैदान में बीते 100 वर्ष से लगते आ रहे सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले पर इस वर्ष खतरे के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि से प्रारंभ होने वाले इस मेले का मार्च बीतने तक भी कोई पता सिरा नहीं है और अब तक इस मेले में दुकानदारों ने भी अपनी आमद दर्ज नहीं कराई है। बताया जा रहा है कि दुकानदार धर्मस्य विभाग द्वारा इस सिद्धेश्वर मेला मैदान की चारों ओर से बाउण्ड्रीबॉल किए जाने से परेशानी में हैं और उनके मन में इस मेले की सफलता को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। नगरपालिका परिसर शिवपुरी द्वारा लगाए जाने वाले इस मेले को लेकर नपा प्रबंधन भी कोई प्रयास करते नजर नहीं आ रहा है।
मेला दिन प्रतिदिन गिरकर पहुंचा इस हाल में
शिवपुरी में लगने वाले इस सिद्धेश्वर वाणगंगा मेले में कभी शिवपुरी ही नहीं, बल्कि दूर-दूर से लोग मेला देखने आते थे और लुत्फ उठाते थे, लेकिन बीते एक दशक से मेले में लगातार गिरावट आई और आज मेला इस स्थिति में पहुंच गया कि इसके लगने पर ही कुंहासा छाया हुआ है।
बीते वर्षों में इस मेले में तमाम सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ लोकनृत्य, लोकगीतों की प्रस्तुतियों होती थी जिसे देखने बड़ी सं या में ग्रामीणजन भी यहां आते थे जिसके कारण मेला जमकर चलता था, इतना ही नहीं मेले में कई दुकानें ऐसी आती थीं जिनका पूरे-पूरे वर्ष इस अंचल के लोग इंतजार करते थे।
बीते कुछ वर्षों से नगरपालिका में चल रही बंदरबाट के चलते यह मेला एक हाट बनकर रह गया था और इस वर्ष धर्मस्य विभाग द्वारा खींची गई बाउण्ड्रीबॉल के बाद पिंजरा सा दृश्य दिख रहा यह मैदान अब दुकानदारों के माफिक नहीं रहा जिसके कारण मेले पर ही खतरे के बादल नजर आ रहे हैं।
-------------------
इनका कहना है
हमसे नगरपालिका ने सिद्धेश्वर मैदान मांगा था जो हमने 12 दिन पहले उन्हें दे दिया है उसके बाद उन्होंने हमसे कोई चर्चा नहीं की, हमारी तरफ से कोई रोक नहीं।
रूपेश उपाध्याय
एसडीएम शिवपुरी
