नरवर। जिले के नरवर थाना क्षेत्र के ग्राम डोंगरपुर में फोड़ा-फुंसी का इलाज कराने सीएमएचओ की यमराज लिमिटेड के संचालक झोलाछाप डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने से एक युवक की हालत बिगड गई। युवक की हालात बिगडते देख डॉक्टर अपनी प्रायवेट कार से युवक को लेकर ग्वालियर भागा लेकिन युवक की रास्ते में ही मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार औैतार पुत्र सोबरन सिंह रावत उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम डोंगरपुर मगरौैनी के बांए हाथ में एक फुंसी हो गई थी। जिसका इलाज कराने वह गांव में निजी क्लीनिक संचालित करने वाले कैलाश पाठक के यहां पहुंचा। जिसका उक्त झोला छाप डॉक्टर ने इलाज किया और उसे एक इंजेक्शन लगा दिया।
जिससे औतार की हालत बिगड़ गर्ई उसके साथ आए कप्तान सिंह, हनुमंत सिंह रावत और दलवीर सिंह ने जब डॉक्टर से उसकी हालत बिगडऩे का कारण पूछा तो डॉक्टर ने बिना देर किए औतार को अपनी बाईक पर बैठाकर शिवपुरी अस्पताल ले आया जहां डॉक्टरों ने उसका परीक्षण किया तो वह मृत हो चुका था। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने उक्त झोला छाप डॉक्टर कैलाश पाठक पर लापरवाही का आरोप लगाया। बाद में यह मामला पुलिस के पास पहुंचा जहां पुलिस ने मर्र्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।
विदित हो की शिवपुरी समाचार डॉट कॉम लगातार सीएमएचओ की यमराज लिमिटेड के समाचार प्रकाशित कर रहा है उसके बाद भी प्रशासन ने आज तक इन झोला छापों पर कोई भी कार्यवाही नहीं की है। सीएमएचओ उक्त झोला छापों को सरेआम लोगों के मारने का लायसेंस दे रखा है।