शिवपुरी जिले में मिले सफेद सोने के पहाड़, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की चिप सहित यह महंगा सामान बनता है

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शिवपुरी। शिवपुरी जिले के व्यापार की लाइफ लाइन कभी शिवपुरी की खदानों से निकलने वाला पत्थर सेंड स्टोन और लाल पत्थर होता था। सेंड स्टोन विदेशो तक जाता था वही लाल पत्थर से मकान बनाने के उपयोग में लाया जाता था,लेकिन फॉरेस्ट के बदलते कानून के कारण यह खदान बंद हो गई और सरकारी नियमों के पिंजरे मे यह व्यवसाय लॉक हो गया,लेकिन शिवपुरी जिले के खनिज विभाग के दावे की माने तो जिले के नरवर क्षेत्र में क्वार्ट्ज के बड़े बड़े पहाड़ मिले है,इस खनिज को सफेद सोना कहा जाता है। इसकी गुणवत्ता का लैब टेस्ट हो चुका है इसमें काफी मात्रा में सिलिकॉन है।

सबसे पहले आप समझे क्या होता है क्वार्ट्ज पत्थर

क्वार्ट्ज पत्थर मुख्य रूप से सिलिकॉन (Silicon) और ऑक्सीजन (Oxygen) नामक दो रासायनिक तत्वों से मिलकर बना होता है。 इसका रासायनिक नाम सिलिकॉन डाइऑक्साइड (
sio2) है। इस पत्थर में ऑक्सीजन भी प्रचुर मात्रा में होता हैं।

सिलिकॉन महंगी धातु
इस पत्थर को संशोधित कर सिलिकॉन निकाला जाता है  सिलिकॉन विद्युत का संचालन (conduct) तो करता है,इस कारण इस सिलिकॉन से मोबाइल फोन, कंप्यूटर, टोस्टर, कार और लगभग सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में प्रयोग होने वाली चिप्स में सिलिकॉन का उपयोग होता है।

इस पत्थर से किचन काउंटर टॉप और सेनेटरी जैसे सीट ओर वाशवेशन फर्श ओर बाथरूम की टाइल्स का फर्श और दीवारों पर क्लैडिंग के रूप में उपयोग होता है। आभूषण और सजावट के आइटम का मुख्य तत्व है यह पत्थर। इसके अतिरिक्त सीमेंट बनाने मे भी इसका उपयोग होता है सीमेंट का बेस होता है क्वार्ट्ज पत्थर, सिलिकॉन मे चिपकाने की क्षमता अधिक होती है वही पेंट,पुट्टी,टाईल्स ऐडिसिप मे भी इसका उपयोग होता है।  

कांच और सिरेमिक: क्वार्ट्ज को पिघलाकर (सिलिका सैंड के रूप में) कांच, खिड़कियां, बोतलें और क्रॉकरी बनाई जाती है। इसके अतिरिक्त क्वार्ट्ज पत्थर मजबूत और अघुलनशील कणों का उपयोग पानी को छानने वाले फिल्टर में किया जाता है।

शिवपुरी जिले मे कहा कहा है क्वार्ट्ज पत्थर के पहाड़

नरवर के नैनागिर, खड़ीचा, समोहा सहित अन्य क्षेत्रों में क्वार्ट्ज के बड़े बड़े पहाड़ है। नरवर के अलावा करैरा, पिछोर व खनियाधाना में भी पर्याप्त मात्रा में है, खनिज विभाग क्वार्ट्ज पत्थर को लेकर पिछले डेढ़ साल से सर्वे में जुटा था और यहां से पत्थर के नमूने ले जाकर ग्वालियर स्थित लैबोरिटी में टेस्ट करवाए, तो शिवपुरी जिले के नरवर में सबसे अधिक व अच्छी क्वालिटी के क्वार्ट्ज के पहाड़ मिले है।

हालांकि क्वार्ट्ज लेकिन नरवर क्षेत्र में जो क्वार्ट्ज है, उसकी माइनिंग विभाग सर्वे के अलावा हर औपचारिकता पूरी कर चुका है। माइनिंग अधिकारी आरएस उईके ने बताया कि नवागत कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में क्वार्ट्ज की नीलामी प्रक्रिया की कार्रवाई को तेज कर दिया है और अब खनिज विभाग को कुछ और काम जैसे फोरेस्ट व राजस्व विभाग से एनओसी जैसे काम करने है। इसके बाद जिले में क्वार्ट्ज खदानों के लिए नीलामी प्रक्रिया कर लीज देने का काम होगा। सब कुछ सही रहा तो आगामी तीन से 5 माह में यहां से क्वार्ट्ज निकलना शुरू हो जाएगा।

क्वार्ट्ज लीज के लिए जिले में आएगी बड़ी कंपनियां, मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

क्वार्ट्ज का उपयोग कई बड़ी इंडस्ट्री में होता है। इसलिए जब शिवपुरी जिले में इस खनिज को निकालने का काम होगा तो कई बड़ी कंपनियां शिवपुरी में आएंगी और इस काम को करेंगी तो सैकड़ों की संख्या में लोगों को रोजगार मिलने के अवसर मिलेंगे। इतना ही नहीं कई अन्य प्रकार के रोजगार भी लोगों को मिलेंगे। चूंकि 50 साल पहले शिवपुरी जिले में रोजगार का सबसे बड़ा साधन पत्थर व्यवसाय था तो इससे जुड़े लोगों को भी काफी उम्मीद है कि क्वार्ट्ज की खदानें चालू होंगी तो उनको भी आय का साधन इस व्यापार से मिलेगा।

शिवपुरी जिले के 31 गौण खनिज में शामिल

खनिज विभाग की मानें तो क्वार्ट्ज शिवपुरी जिले के 31 गौण खनिज में शामिल हो चुका है। अगर आगे चलकर विभाग अलग-अलग स्थानों पर सर्वे का काम कराता है तो दूसरे बड़े खनिज भी शिवपुरी जिले में मिल सकते हैं। इसी क्षेत्र से जुड़े बड़े कारोबारी अजब सिंह कुशवाह ने बताया कि जिले में ग्रेनाइट के लिए हमने माइनिंग विभाग के साथ मिलकर कई प्रयास किए तब नरवर से लेकर पिछोर, करैरा व खनियाधाना में बड़ी मात्रा में क्वार्ट्ज पत्थर मिला है। हालांकि नरवर में तो इसके बड़े-बड़े दूर-दूर तक पहाड़ दिखाई देते हैं। शिवपुरी में अन्य काफी कीमती खनिज भी मिल सकते है।

डेढ़ साल से चल रहा था सर्वे का कार्य

पिछले डेढ़ साल से विभाग क्वाट्र्ज को लेकर जिले में अलग-अलग स्थानों पर सर्वे का काम कर रहा था। नरवर क्षेत्र में काफी अच्छी क्वालिटी का क्वार्ट्ज पत्थर मिला है। यहां पर कई पहाड़ हैं। आगे की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही नीलामी प्रक्रिया द्वारा लीज देने की कार्रवाई होगी।
आरएस उईक, जिला माइनिंग अधिकारी, शिवपुरी।

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