शिवपुरी। सिंधियावंश की ग्रीष्मकालीन राजधानी शिवपुरी को उसकी दुर्दशा से उभारने के लिए और प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश से पांच करोड़ का बजट भी आवंटित हुआ है। इसी कड़ी में शरदोत्सव के बाद अब टूरिस्ट वैलकम सेंटर पर सात जनवरी से चौदह जनवरी तक मेले का आयोजन किया जा रहा है।
वहीं प्राचीन इमारतों को न केवल सजाया और संवारा जा रहा है बल्कि उन पर लार्ईटिंग भी लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उपेक्षा का शिकार बने प्राचीन पर्यटक स्थल भदैया कुण्ड और बाणगंगा के जीर्णोद्धार के लिए भी जिला प्रशासन ने कमर कस ली हैं। क्रोकोडाइल बाहुल्य शिवपुरी जिले में क्रोकोडाइल सेंचुरी के लिए भी वन अधिकारियों से चर्र्चा की जा रही है।
जानकारी के अनुसार तीन-चार साल से जब से सीवेज प्रोजेक्ट का शुभारंभ हुआ है तब से शिवपुरी की प्राकृतिक सुन्दरता का निरंतर हृास होता जा रहा है। शहर की पूरी सडक़ें खुद चुकी है और पूरी शिवपुरी में उड़ती धूल से न केवल पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि शिवपुरी की सुन्दरता भी दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है। नागरिक अलग बीमार होते जा रहे हैं। सिंध जलावर्धन प्रोजेक्ट पूर्र्ण न होने से जल संकट भी इस नगरी को लगातार घेरे हुए हैं। लेकिन अब संकेत मिलने लगे हैं कि दो तीन माह में शिवपुरी में सडक़ों का जाल बन जाएगा और मार्र्च माह तक सिंध नदी का पानी भी शिवपुरी में आ जाएगा।
शिवपुरी की अधोसंरचना की दृष्टि से एबी रोड़ का काम भी द्रुतगति से शुरू हो गया है। इससे प्रोत्साहित होकर शिवपुरी को पर्यटन नगरी बनाने में प्रशासन जुट गया है। हालांकि ऐसे प्रयास पहले भी हुए हैं और इसी कड़ी में सन् 89 में स्व. माधवराव सिंधिया के प्रयासों से टाईगर सफारी का शुभारंभ किया गया था ताकि नेशनल पार्र्क में खुले में पर्यटक शेरों को निश्चिंत विचरण करते हुए देख सकें। शिवपुरी में टूरिस्ट विलेज होटल की स्थापना भी उसी कड़ी का एक अंग था और एयरपोर्ट शुरू कराने की ओर भी गंभीरता से प्रयास हुआ था।
स्थानीय विधायक यशोधरा राजे सिंधिया शिवपुरी को पर्यटक नगरी बनाने के लिए केन्द्रीय पर्यटन मंत्री को भी शिवपुरी लाईं थी, लेकिन इसके बाद भी पर्यटन के क्षेत्र में शिवपुरी की पहचान नहीं बन पार्ई थी और उल्टे शिवपुरी की सीवेज प्रोजेक्ट के कारण दशा बिगडऩे से यहां के स्थानीय नागरिक भी पलायन के लिए गंभीरता से सोचने लगे थे। परन्तु अब सकारात्मक परिस्थिति बनने से पुन: शिवपुरी को पर्यटन नगरी बनाने की पहल शुरू हुई है, देखना यह है कि नवीन प्रयासों में कितनी सफलता मिल पाती है।
