शिवपुरी। परमहंस संत स्वभावी आनंद से अभिभूत कैलाशनारायण निगम दद्दा के अवसान पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन 14 सित बर बुधवार को शाम चार बजे कर्मचारी भवन कोठी नंबर 14 के पास किया जा रहा है। कैलाश दद्दा ने 88 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली और वह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र निगम के बड़े भाई थे।
आर्थिक संपन्नता, सामाजिक प्रतिष्ठा, बुद्धिजीविता यदि किसी व्यक्ति के मूल्यांकन की कसौटी है तो कैलाश दद्दा को समझा नहीं जा सकता, लेकिन इसके बाद भी कैलाश दद्दा हमेशा प्रेरणास्पद इस बात के लिए रहेंगे कि जीवन कैसे जिया जाना चाहिए और जीवन का चरम लक्ष्य सिर्फ सांसारिक उपलब्धि नहीं, बल्कि कुछ ऐसा कर जाना है जिससे मरने के बाद भी दोनों हाथ खाली न रहें।
कैलाश दद्दा कभी किसी पद पर नहीं रहे और उन्होंने स्कूली शिक्षा भी उत्तीर्ण नहीं की। व्यापार और रोजगार से उनका कोई नाता नहीं रहा। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राजेन्द्र्र निगम का भाई होना भी उनके कद में इजाफे का कारण नहीं था। संसार की यात्रा में पिछड़ जाने के बावजूद वह अद्वितीय इसलिए थे, क्योंकि जीवन कैसे जिया जाए इसका संदेश वह उपदेशों से नहीं, बल्कि अपने आचरण से देते रहे।
अपने जीवनकाल में उन्होंने अनगिनत शवयात्रा में सक्रिय रूप से भाग लेकर दिवंगत परिवार को ढांढ़स बंधाया। कैलाश दद्दा एक दिन में चार-चार, पांच-पांच शवयात्रा में शामिल हुए। बीड़ी और चाय का व्यसन उन्हें इस संसार से जोड़े रहा, लेकिन अंतिम समय में जब उनके अनुज राजेन्द्र निगम ने उन्हें बीड़ी पिलानी चाही तो कैलाश दद्दा ने इंकार कर दिया।
इससे जाहिर हुआ कि संसार से जोड़े रखने के बंधनों से वह मुक्त होकर दूसरे लोक में गमन करने की तैयारी में हैं और उसी दिन रात में उन्होंने अपना शरीर छोड़ दिया। बुजुर्ग लोग बताते हैं कि जिस तरह से परमात्मा अवतार रूप में अवतरित होकर ईश्वरीय संदेश प्रसारित करते हैं उसी प्रकार परमात्मा ने जीवन का अर्थ समझाने के लिए कैलाश दद्दा का चुनाव किया था।
अशिक्षित, पदविहीन और रोजगार आदि झंझटों से मुक्त होने के बाद भी आज कैलाश दद्दा को याद किया जा रहा है तो उनके गुणों, परमहंस प्रवृत्ति और संत स्वरूपी स्वभाव के कारण। कैलाश दद्दा के निधन पर सामाजिक संस्था मंगलम, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, मानवता समिति, पंजाबी परिषद, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा, श्वेता बर मूर्ति पूजक संघ, विजय धर्म सूरी समाधि मंदिर ट्रस्ट, सहित अनेक मंच और संघो ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त कर कैलाश दद्दा की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाग लेने की अपील की है।
