विवके व्यास/कोलारस। कोलारस में प्रशासनिक व्यवस्था की हालत काफी खस्ता है। विगत कई महीनों से तहसीलदार एवं जनपद पंचायत सीईओं जैसे प्रशासनिक पदों पर किसी की नियुक्ति न होने से जनता की समस्याओं का त्वरित गति से निराकरण नहीं हो पा रहा है। हालात ऐसे बन गए है कि कोलारस अब समस्याओ का महाकुंभ हो गया है।
पूर्व कलेक्टर राजीब दुबे द्वारा इस प्रकार की गंभीर समस्याओं पर किसी प्रकार का गौर नहीं किया न ही अपने कार्यकाल के दौरान उनके द्वारा कोलारस का दौरा न करने के कारण प्रशासन की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गयी है।
इस प्रकार की प्रशासनिक व्यवस्थाओं की आवाज उठाना सत्ताधारी पार्टी भाजपा का दायित्व है। वहीं अन्य राजनैतिक पार्टियों को भी इस विषय पर प्रमुखता से गौर करते हुए जनहित में इस प्रकार के मामलों को भोपाल तक उठाना चाहिए। हमारे क्षेत्र में तहसीलदार एवं सीईओं जैसे शासन के महत्वपूर्ण पदों पर कोई स्थाई चेहरा विगत कई महीनों से नहीं है और जनप्रतिनिधि गहरी निंद्रा में है।
ऐसा प्रतीत हो रहा है कि क्ष़्ो़त्र के नेताओं को क्षेत्र की जनता की फिकर नही है। यदि राजनेता प्रयास करते तो बदरवास तहसीलदार कोलारस मे ंपदस्थ हो सकते थे और नायब तहसीलदार परिहार को बदरवास का चार्ज दिया जा सकता था। किंतु यह कैसा प्रशासनिक व्यवस्थापन कि मु यालय पर तहसीलदार की नियुक्ति न करते हुए बदरवास कर दी गई।
वर्तमान में ग्राम पंचायत में कई समस्याऐं सिर उठा रहीं है न ही विकास कार्यो का निरीक्ष़्ाण हो पा रहा है न ही पंचायत प्रतिनिधियों की सुनवाई हो रही है कारण जनपद पंचायत कोलारस में कोई सीईओ पदस्थ नहीं है।
अजीत तिवारी पर टैंकर कांड में कार्यवाही कराकर नेता अपने आप को जनता का मुखिया समझने लगे किंतु एक व्यवस्थित प्रशासनिक तंत्र सरपंच सचिवों को देना किसी ने उचित नहीं समझा। वहीं तहसीलदार नवनीत शर्मा के स्थानांतरण के बाद से अब तक यहां किसी तहसीलदार की ताजपोशी न होना चिंता का विषय है।
यही कारण है कि राजस्व संबंधी समस्याओं का कोलारस में ंअंबार लगा हुआ है। न्यायालयीन प्रकरण से लेकर जनसुनवाई की समस्याओं पर गौर करने वाला कोई नहीं है। दुर्भाग्य की बात यह है कि भाजपा जिला अध्यक्ष़्ा,जिला पंचायत अध्यक्ष,विधायक सभी कोलारस क्ष़ेत्र से होने के बाद भी उक्त व्यवस्थाओं को सुचारू करने में किसी प्रकार की कोई रूचि नहीं दिखा रहे है।
इन अव्यवस्थाओं के चलते सत्ताधारी पार्टी भाजपा की बुरी तरह किरकिरी हो रही है। अन्य क्ष़्ोत्रों के नेता इस प्रकार के जनहितैशी मामलों को लेकर राजधानी भोपाल में उठाने तक में किसी प्रकार का संकोच नहीं करते। किंतु ऐसा प्रतीत होता है कि कोलारस राजनैतिक रूप से अनाथ हो चुका है। यहा प्रजातं़त्र की झलक लेश मात्र भी देखने को नजर नहीं आती। यहां अप्रत्यक्ष तौर पर राजतं़त्र जैसा माहौल दृश्टिगोचर होता है।
हालात यह है कि बर्शो बदरवास का राजस्व रिकोर्ट भी कोलारस रिकार्ड शाखा में रखा हुआ था इस जनता की समस्याा पर भी किसी ने गौर नहीं किया हालहि में जिला कलेक्टर ओ पी श्रीवास्तव ने स्वयं संज्ञान लेकर इसे बदरवास भेजने के आदेश दिये।
इस मूलभूत समस्याओं को लेकर भाजपा की खासी किरकिरी हो रही है। वहीं विधायक रामसिंह यादव ने तो मंच से शिविर में प्रशासनिक भ्रष्टाचार की जमकर पोल खोली एवं भ्रष्टाचार से निपटने में स्वयं को अक्षम तक बताया। इन सबके बाद भी भाजपा का सुसुप्त अव्स्था में रहना हैरत करने वाला है।
इनका कहना है-
हालहि मैं मेने जिले का पदभार संभाला है शीघ्र ही तहसील स्तर पर व्याप्त इस प्रकार की मूल समस्याओं की मानिटरिंग कराकर शासन को भेजा जाएगा। कोलारस में सीईओ एवं तहसीलदार जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अधिकारी नियुक्त करने के लिये नियमानुसार शीघ्र पहल की जाएगी।
जिला कलेक्टर
ओ पी श्रीवास्तव
कोलारस विधायक रहते हुए पूर्व में मैने कभी भी इस प्रकार की प्रशासनिक अव्यसवस्था को पनपने नहीं दिया। यदि मु यायल पर सीईओ एवं तहसीलदार जैसे दो पद खाली है तो जनता की ओर से मैं प्रभारी मं़त्री के सामने इस मामले को गंभीरता से ररूगा। इसकी प्रगति के विषय में भी आपको सूचित करता रहॅुगा।
ओमप्रकाश खटीक
पूर्व विधायक कोलारस एवं प्रांतीय अघ्यक्ष अनुसूचित जाति मोर्चा
आप मुझे दो पद खाली बता रहे हो मै आपके संज्ञान में डाल दू कि कोलारस में एसडीओपी का पद भी खाली है। इस संदर्भ में कुछ दिन पूर्व मैंने भोपाल में बैठे बरिष्ठ अधिकारियों एवं राजनैतिकों से चर्चा की थी किंतु वर्तमान में मेरा स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस ओर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी। शीघ्र ही में आपसे मिलकर अन्य मामलों पर चर्चा करूगा।
देवेन्द्र जैन
पूर्व विधायक एवं पूर्व भाजपा जिलाअध्यक्ष
उक्त दोनों पद जनता से जुड़े हुए है। इस संदर्भ में शीघ्र ही हम एक डेलीगेशन के रूप में जिला कलेक्टर से मिलेंगे साथ ही भोपाल तक इस आवाज को उठाऐंगे।
हरवीर रघुवंशी
जिला कांग्रेस प्रवक्ता
