शिवपुरी। अस्पताल के डायलिसिस यूनिट का निरीक्षण करने गई उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया और प्रभारी मंत्री कुसुम मेंहदेले से कलेक्टर राजीव दुबे ने जिला अस्पताल के लिए नगर पालिका से मुफ्त पानी सुलभ कराये जाने की मांग की लेकिन दोनों मंत्रियों ने आदेश देने से कन्नी काट ली।
प्रभारी मंत्री मेहदेले का जवाब था कि जिले की मालिक यशोधरा राजे हैं। वहीं यशोधरा राजे सिंधिया प्रतिक्रिया व्यक्त किये बिना मुस्कुरा भर दीं, लेकिन उन्होंने कलेक्टर के सुझाव पर न तो सकारात्मक और न ही नकारात्मक प्रतिक्रिया दी। हालांकि अस्पताल अधीक्षक डॉ. गोविन्द सिंह ने यह अवश्य स्वीकार किया कि अस्पताल में नगर पालिका का जल कनेक्शन नहीं है।
जिला अस्पताल इन दिनों पानी के संकट से गुजर रहा है। अधीक्षक डॉ. गोविन्द सिंह बताते हैं कि अस्पताल में प्रतिदिन 13 टेंकर जल की खपत होती है और जिला अस्पताल प्रशासन 159 रूपए प्रति टेंकर की दर से जल खरीदता हैं, लेकिन नगर पालिका ने आदेश दे दिये हैं कि उनके हाईडेंट से किसी अन्य को जल नहीं भरने दिया जाएगा।
जिससे ठेकेदार पानी सप्लाई नहीं कर रहा है। इस पर कलेक्टर राजीव दुबे ने प्रभारी मंत्री कुसुम मेहदेले से कहा कि अस्पताल को तो मुफ्त पानी मिलना चाहिये और इस बावत वह नगर पालिका सीएमओ को निर्देश दें।
लेकिन चतुर चालाक प्रभारी मंत्री कुसुम मेहदेले ने स्पष्ट इन्कार करने के स्थान पर गेंद उद्योग मंत्री यशोधरा राजे के पाले में डाल दी और कहा कि शिवपुरी की मालिक यशोधरा राजे सिंधिया हैं।
इसके साथ ही उन्होंने स्थानीय विधायक की ताकत को उदाहरण स्वरूप स्पष्ट भी कर दिया। लेकिन यशोधरा राजे ने चुप्पी साधे रखी और वह सिर्फ मुस्कुराती रहीं।

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