शिवपुरी। एक हमले में अपना पैर गंवा चुका पीड़ित हाईकोर्ट के एक निर्णय से नाराज है और उसके खिलाफ अपील करना चाहता है परंतु वो हाईकोर्ट में वकील की महंगी फीस देने में सक्षम नहीं है अत: उसने शासन से गुहार लगाई है कि उसे सरकारी वकील उपलब्ध कराया जाए ताकि वो न्याय की लड़ाई लड़ सके। यह रहा आवेदन, जो विधिक सहायता अधिकारी की ओर उचित कार्रवाई के लिए फारर्वड किया गया।
श्रीमान कलेक्टर महोदय,
जिला शिवपुरी म.प्र.
विषय-न्याय के लिए हाईकोर्ट में वकील दिलाने वावत
महोदय,
सविनय निवेदन है कि प्रार्थी अजीत कोड़े पुत्र बालमुकंद कोडे को 14 अक्टूबर 2013 को शाम करीब 4 बजे शिवा नगर कॉलोनी में गुलाबशाह दरगाह के पास 6 युवको ने एक राय होकर अजीत के साथ मारपीट कर दी इस मारपीट में अजीत अपनी टॉग खो चुका जिसका मामला कोतवाली में धारा 307,147,341 के तहत दर्ज हुआ था।
उसके बाद यह मामला कोर्ट में आज तक विचाराधीन है। इस घटनाक्रम के आरोपीयो को कोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर आ गया। इन आरोपीयो ने आये दिन घर पर आकर राजीनामा करने के दाव बनाने लगे।
इसकी शिकायत विंकलाग अजीत ने एसपी को आवेदन देकर की। उसके बाद आरोपी इस मामले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटया। जहॉ हाईकोर्ट ने आरोपीयो को राहत देते हुए इस मामले में धारा 307 को काटकर मामला 325 में तव्दील कर दिया।
प्रार्थी अजीत कोड़े इस घटना में अपना पैर खो बैठा। जिसके कारण वह इस मामले को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट की डवल बैंच में जाना चाहता है जहॉ से उसे पूर्ण रूप से न्याय मिल सके। इस अपील के लिए प्रार्थी को हाईकोर्ट में वकील की आवश्यकता है। प्रार्थी हाईकोर्ट में वकील करने में सक्षम नही है।
अत: श्रीमान से निवेदन है कि प्रार्थी को हाईकोर्ट में वकील उपलब्ध कराने की कृपा करें जिससे प्राथी को न्याय मिल सके।
प्रार्थी
अजीत कोड़े पुत्र बालमुकुंद कोड़े
कोतवाली के पीछे शिवपुरी म.प्र.

प्रतिक्रियाएं मूल्यवान होतीं हैं क्योंकि वो समाज का असली चेहरा सामने लातीं हैं। अब एक तरफा मीडियागिरी का माहौल खत्म हुआ। संपादक जो चाहे वो जबरन पाठकों को नहीं पढ़ा सकते। शिवपुरी समाचार आपका अपना मंच है, यहां अभिव्यक्ति की आजादी का पूरा अवसर उपलब्ध है। केवल मूक पाठक मत बनिए, सक्रिय साथी बनिए, ताकि अपन सब मिलकर बना पाएं एक अच्छी और सच्ची शिवपुरी। आपकी एक प्रतिक्रिया मुद्दों को नया मोड़ दे सकती है। इसलिए प्रतिक्रिया जरूर दर्ज करें।