बंदूको के साए में रेत का काला कारोबार, प्रशासन को लिया गोद

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करैरा। करैरा अनुविभाग में रेत का काला कारोबार प्रशासन की मिली भगत से चरम पर है। खदान कही और रॉयल्टी काटी जा रही है और किसी स्थान पर। इस करोबार में सिंध नदी के पुराने पुल पर रेत मफियाओ ने खुल्ले आम रेत धुलाई सेटंर भी बनाए है। जहां कोपरा को रेत बनाकर बजार में बेचा जा रहा है। 

जानकारी के अनुसार नरवर क्षेत्र की जैतपुर खदान को बहार जिले के बहार के ठेकेदान ने लीज पर लिया है। वर्तमान में उससे रेत नही निकल रही है। लेकिन इस खदान संचालको ने अपनी लीज खदान से कई किलोमीटर दूर ग्राम गधाई,पुराना अमोला,सिरसौद,चौराहे तक की अवैध खदानो की रॉयल्टी नरवर क्षेत्र की लीज खदान जैतपुर की रॉयल्टी काटी जा रही है। 

बताया जा रहा है कि यह सब खेल स्थानीय प्रशासन को गोद लेकर और बंदूको के साए में किया जा रहा है। अगर कोई विरोध करता है तो उसे धमका कर या अन्य किसी तरह से दबाव बनाकर चुप कर दिया जाता है। 

खुल्ले आम चल रहा है कोपरा मिटटी को रेत बनाने का कारोबार
इस रेत के काले कारोबार में प्रशासन इन रेत मफियाओ को कितना संरक्षण दिया जा रहा है इसका खुल्ला प्रमाण पुराने सिंध के पुल पर देखने को मिल जाऐंगा। एक तो इस रेत मफिया द्वारा रॉयल्टी कही की और रॉयल्टी कही काटे जाने का खेल चल रहा है। 

दूसरा इस रेत माफिया ने बंद पड़ी कोपरा मिट्टी की खदाने भी शुरू कर दी है और इनको पुराने सिंध के पुल पर खुल्ले आम पंप लगाकर धुलाई की जाती है। और इसको रेत बनाकर मार्केट में बेचा जा रहा है। फारेलेन हाईवे से निकलने पर यह गोरखधंधा देखा जा सकता है। 

कुछ सवाल प्रशासन से
नियमानुसार जिस खदान की रॉयल्टी है वही काटी जानी चाहिए इस रेत माफिया द्वारा नरवर क्षेत्र की लीज की रॉयल्टी करैरा क्षेत्र में कैसे काटी जा रही है। 
सबसे व्यस्तम मार्ग फोरलेन से गुजरने वाले प्रशासनिक अमले ने पुराने सिंध पर चल रहे धुलाई सेंटरो को अब तक किसी भी करैरा के प्रशानिक अधिकारी ने क्यो नही देखा है। और क्यो इन पर कार्यवाही नहीं की जा रही है। 
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